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बगीचा विकासखंड के लोगों को इन दिनों नहीं मिल रहा संजीवनी 108 सेवा का लाभ, ये है वजह !

प्रबंधन ने साधा मौन

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sanjivni

बगीचा विकासखंड के लोगों को इन दिनों नहीं मिल रहा संजीवनी 108 सेवा का लाभ, ये है वजह !

जशपुरनगर. मरीजों को घर से तत्काल किसी भी निजी व शासकीय अस्पताल तक लाने के लिए शासन की ओर से मुहैया कराई गई नि: शुल्क 108 संजीवनी एम्बुलेंस की सेवा से निश्चित ही जिले में लाखों मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल पाना संभव हुआ है, लेकिन वर्तमान में एम्बुलेंस के कंडम हालत में पहुंच जाने से मरीजों की समस्याएं बढ़ती जा रही है। जिले के बगीचा विकासखंड के लोगों को इन दिनो संजीवनी १०८ सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के सभी विकासखंडों में संचालित 108 संजीवनी एम्बुलेंस से दूर दराज के ग्रामीण अंचलों में रहे जरूरतमंद लोगों को अस्पताल तक लाने का काम किया गया है, लेकिन वर्तमान में यह सेवा भी कंडम हो चुके एम्बुलेंस की वजह से दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लोग अस्पताल तक आने के लिए संजीवनी १०८ के भरोसे ही रहते हैं, लेकिन समय पर उन्हें इस सेवा का लाभ नहीं मिल पाने के कारण मजबूरीवश उन्हें निजी वाहनों को किराए में लेकर अस्पताल तक पंहुचना पड़ रहा है। दो दिनों में ऐसा ही मामला जिले के बगीचा विकासखंड में देखने को मिला है जहां सड़क दुर्घटना में घायल युवक सड़क में ही दर्द से कहराता रहा लेकिन उसे संजीवनी १०८ का लाभ नहीं मिल पाया। गुरुवार की शाम को जिले के बगीचा कुरडेग चौक के पास मोटसाइकिल और साइकिल के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई थी जिसमें दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए थे और सड़क में ही लहुलुहान पड़े हुए थे। दुर्घटना होने के बाद लोगों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पंहुचाने के लिए जब संजीवनी १०८ को फोन कर मदद मांगी गई तो उन्हें बता दिया गया कि बगीचा का संजीवनी १०८ वाहन खराब पड़ा हुआ है। संजीवनी ४१०८ के खराब होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने किसी तरह दोनो घायलों को उपचार के लिए बगीचा अस्पताल पंहुचाया।
एम्बुलेंस के मेंटेनेंस पर उठ रहे सवाल : 108 संजीवनी एम्बुलेंस के वाहनों में से एक वाहन को भी बदला नहीं गया है। अत्यधिक कंडम हो चुके वाहनों को भी मेंटेनेंस कर मरीजों की सेवा के लिए दौड़ाया जा रहा है। लगभग ७-८ साल से लगातार चल रहे कंडम एम्बुलेंस को बदलने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। लेकिन शासकीय कार्यों की तरह उसे लगातार मेंटेनेंस कर चलाया जा रहा है। 108 संजीवनी एम्बुलेंस को सरकार से अनुबंध कर संचालित कर रही जीवीके कंपनी की ओर से वाहनों को बदलने के बजाए मेंटेनेंस कर सेवा देन का काम किया जा रहा है। ब्रेक डाउन होते एम्बुलेंस को देखकर लोगों ने कंपनी के मेंटेनेंस के जरिए वाहनों को जबरन खींचने के रवैये पर सवालिया निशान लगाना शुरू कर दिया है।
आटो किराए में कर पंहुचाया अस्पताल : शुक्रवार की सुबह बगीचा क्षेत्र के अलग अलग ग्राम पंचायतों में दो महिलाओं ने जहर का सेवन कर लिया था और उनकी हालत बिगडऩे के बाद उनके परिजनों को भी १०८ संजीवनी सेवा का लाभ नहीं मिल पाया, जिसके बाद दोनो के परिजनों ने आटो को किराए में कर महिलाओं को उपचार के लिए बगीचा अस्पताल में भर्ती कराया है। मिली जानकारी के अनुसार बगीचा झांपीदरहा कि सुमैत्री बाई एवं ग्राम पत्ताकेला की एक महिला ने जहर का सेवन कर लिया था जिन्हें गंभीर अवस्था मे बगीचा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अलग अलग स्थानों में दो महिलाओं के द्वारा जहर सेवन कर लिए जाने के बाद उनके परिजनों ने जब संजीवनी १०८ से मदद मांगी तो उन्हें भी १०८ की ओर से जवाब दे दिया गया कि बगीचा का १०८ वाहन खराब स्थिति में अंबिकापुर में खड़ा है। संजीवनी १०८ के खराब होने की जानकारी मिलने में परिजनों ने आनन फानन में आटो को किराए में लेकर उन्हें उपचार के लिए भर्ती करवाया है।

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