
महिला के शव का पोस्टमार्टम का इंतेजार करते परिजन।
जशपुरनगर. जिले के बगीचा ब्लॉक के ग्राम सन्ना को नया तहसील का दर्जा प्राप्त हुए लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर यहां नए तहसील को विकसित करने के दिशा में काम नहीं हो सके जिसक कारण से यहां आए दिन किसी ना किसी बनियादी सुविधाओं के आभाव या कानून व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन के लिए अप्रिय स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे ही एक और मामले में मंगलवार को सन्ना में सड़क हादसे में मारी गई। महिला के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को बीते 15 घण्टे से शव के पोस्टमार्टम के लिए मृतिका के शव लेकर भटकने का शर्मनाक मामला सामने आया है। पीडि़त ग्रामीणों ने बताया कि सन्ना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भले ही कागजो में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रदेश सरकार ने घोषित कर दिया है। लेकिन यहां अब तक एमबीबीएस डॉक्टर की पदस्थापना नहीं की जा सकी है, जिसके कारण से किसी घटना-दुर्घटना की स्थिति में मौत के मामले में मृतक के पोस्टमार्टम के लिए, इस क्षेत्र के लोगों को बगीचा तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऊपर से सितम यह कि तहसील मुख्यालय में शव वाहन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त इन अव्यवस्थाओं से सन्ना में आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
ज्ञात हो कि सोमवार शाम को डीपाडीह जरहाडीह निवासी मुकेश राम अपनी पत्नी रूपावती बाई और 5 साल के बच्चे के साथ अपना ससुराल रूपावती के घर त्यौहार मनाने ग्राम पंचायत नन्हेंसर के ढेकीडीपा गांव में आया था और त्यौहार मना कर वापस अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान सन्ना-चम्पा मुख्य मार्ग के कुरवां ग्राव के पास मोटरसाइकल अनियंत्रित हो गया जिससे मोटरसाइकल में बैठी महिला रूपावती बाई की मौत हो गयी और चालक मुकेश राम का पैर टूट गया। इस हादसे में पांच वर्षीय बच्चे को एक खरोंच तक नही आई। गंभीर रूप से घायल बाइक चालक मुकेश राम को पहले इलाज के लिए सन्ना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उसे अम्बिकापुर रेफर कर दिया
गया है।
कलेक्टर ने घायलों का सही तरीके से इलाज के दिए निर्देश : मंगलवार को सन्ना तहसील के ग्राम चम्पा के पास सोमवार को सड़क दुर्घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत और उसके पोस्टमार्टम को लेकर हुई गफलत की जानकारी जब कलेक्टर डॉ रवि मित्तल को हुई तो उन्होंने आनन-फानन में मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा शव का पंचनामा कर दिया गया है। वहीं घायल लोगों का उपचार किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रभावित परिवारों का ईलाज प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं।
पीएम के लिए बगीचा ले जाने का फरमान : ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार सड़क हादसे में बुरी तरह से घायल ग्रामीण जिसकी पत्नी की हादसे में मौत हो चुकी है, उपर से दुख में डूबे मुकेश और उनके परिवार को स्वास्थ्य विभाग ने मृतिका रूपावती के शव को पोस्टमार्टम के लिए बगीचा लाने का फरमान सुना दिया। मृतिका के पिता सुखना राम ने बताया कि निजी वाहन चालक शव को लेकर बगीचा जाने और वापस लेकर आने के लिए 12 हजार रुपए किराया मांग रहे हैं। आर्थिक तंगी की वजह से वो इतना भारी किराया चुकाने में समर्थ नहीं हैं। नन्हेंसर के पूर्व सरपंच जगमोहन भगत ने बताया कि मृतिका के परिवार बहुत गरीब हैं, और वे निजी वाहन का किराया चुकाने में असक्षम है। इसलिए अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। वे बीते 15 घण्टे से सन्ना अस्पताल में ही रुके रहे।
Published on:
12 Oct 2022 12:16 am
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