धूमधाम
से लोगों ने दशमी मनाई। फिर क्या था दूसरे दिन एक छोटा सा बादल ऐसा बरसा
कि सारा इलाका जलमग हो गया। तभी से लोग रामलीला का आयोजन करते चले आ रहे
हैं। पहले यह रामलीला कई स्थानों पर बगीचे-बगीचे होती थी, जो 83 वर्षों तक
चली। 1927 ई में स्थायी मंच पर रामलीला शुरू हुई जो आज तक चल रही है। इससे
गांव में आपसी भाई चारा सुख शांति बनी हुई है। रामलीला में मंच संचालन जय
प्रकाश सिंह 27 वर्षों से कर रहे हैं। इसके संरक्षक छोटेलाल सिंह मास्टर,
मनोज सिंह, फौजदार सिंह व बचानू सिंह हैं।