
अकीदत के साथ मनाया गया ईद उल अजहा
जौनपुर. जिले भर में शनिवार को कुर्बानी के प्रतीक ईद उल अजहा की धूम रही। नगर से लेकर ग्रामीणांचल तक लोगों ने इबादतगाहों में नमाज पढ़ी। इसके बाद घर पहुंच कर कुर्बानी दी। शाही ईदगाह में सुबह साढ़े आठ बजे मौलाना अलहाज जफर अहमद सिद्दीकी की सरपरस्ती में नायब इमाम मौलना फैसल कमर ने नमाज पढ़ाई। सुबह से ही नमाजियों का रेला ईदगाह की ओर आता दिखाई देने लगा। सवा आठ बजते-बजते ईदगाह का अंदरूनी हिस्सा भर गया। देर से पहुंचे लोग सीढ़ी से लेकर बाहर सड़क पर चादर व जानमाज बिछा कर नमाज पढ़ते दिखे। मौलाना ने नमाज के बाद मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ कराई। इंसानों में एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत पैदा करने की दुआ भी मांगी गई।
दुआ के बाद मौलाना ने खुत्बा पढ़ा। खुत्बा खत्म होने के बाद लोग कुर्बानी देने के लिए घरों को गए। नमाज के पहले उलेमाओं ने तकरीर में रसूल अल्लाह सल्ललाहु अलैहे वसल्लम की जिंदगी के बारे में बताया। लोगों को उनकी सुन्नतों पर अमल करने की ताकीद की। यह भी बताया कि बकरीद क्यों मनाई जाती है। वहीं शाही ईदगाह के बाहर बने पंडाल में जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसपी शैलेश कुमार पांडेय, ईदगाह कमेटी के सदर जाफर अहसन जाफरी, सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रभूषण वर्मा, ईओ कृष्णकांत, पूर्व गवर्नर माता प्रसाद, डाॅ. अजहर जाफरी, इरशाद अहमद, मुन्ना राजा, जुबैर अहमद, तारिक सिद्दकी, व्यापारी नेता इंदू सिंह, श्रवण जायसवाल, निखिलेष सिंह, आरिफ हबीब आदि ने लोगों को गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी गई थी। शाही ईदगाह के आसपास घरों की छत से पुलिस के जवान चैकसी बरतते दिखाई दिए।
शहर के यातायात को भी नमाज के मद्देनजर शाही ईदगाह की ओर आने से रोक दिया गया। इसके अलावा मदरसा हुसैनिया लाल दरवाजा, बड़ी मस्जिद, आदमपुर स्थित मरदसा, सिपाह के बल्लोचटोला स्थित मस्जिद, सब्जीमंडी स्थित मस्जिद, नवाब साहब का अहाता स्थित मस्जिद, मंडी नसीब खां स्थित बाड़े में भी ईदुल अजहा की नमाज अदा की गई। शिया धमगुरू मौलाना महफूजुल हसन खां ने सदर इमामबाड़ा व मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने नकी फाटक पर नमाज अदा कराई।
by JAVED AHMED
Published on:
02 Sept 2017 02:31 pm
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