उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 1860 में बने कानून के दायरे में पहला मुकदमा 163 साल बाद दर्ज हुआ है। इस बात की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है।
जौनपुर। खुटहन थानाक्षेत्र के उसरौली शहाबुद्दीनपुर गांव में नवजात बच्ची गड्ढे में डालकर झाड़ियों से ढकने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 317 में मुकदमा दर्ज कर बच्ची के परिजनों और उसे फेकने वालों की तलाश शरू की है पर इस मुकदमें ने एक नया रिकार्ड भी बना दिया है। जनपद के अभी तक के मौजूद पुलिसिया रिकार्ड के अनुसार 1860 में बनी आईपीसी की धारा 317 में जौनपुर जिले में 163 साल में यह पहला मुकदमा है जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
बच्ची फेकी मिलने पर मचा हड़कंप
उसरौली शहाबुद्दीनपुर गांव में कूड़ा फेकने के गड्ढे में नवजात बच्ची मिलने से हड़कंप मच गया था। रविवार को बच्ची मिलने के बाद लोगों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उपचार के बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दर्ज हुआ मुकदमा तो बन गया रिकार्ड
मुकदमा दर्ज होने के बाद एक रिकार्ड भी कायम हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 12 से कम आयु के शिशु का परित्याग करते हुए उसे किसी स्थान पर छोड़ देने के मामले में लगाईं जाने वाली आईपीसी की धारा 317 में यह पहला मामला दर्ज हुआ था और वो भी एक साल में नहीं, पूरे 163 साल में। इस सम्बन्ध में पुलिस अधिकारी ने बताया कि साल 1860 में बने इस कानून में 163 साल बाद पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।