
अकीदत से मनाया इमाम हसन का जन्मदिवस
जौनपुर. हजरत इमाम हसन के जन्मदिवस के अवसर पर जनपद में महफिलो, तकरीरो व नज्र नयाज का आयोजन बड़े ही अकीदत से हो रहा है। शहर के जौनपुर अजादारी कांउसिल कार्यालय नकी फाटक शेख नूरूल हसन मेमोरियल कार्यालय मखदुम शाहअढन अहसन मेमोरियल कार्यालय उर्दू बाजार वास्ति हाऊस, मुफ्ती हाऊस, इस्लाम का चैक, सदर इमामबाड़ा, कल्लू इमामबाड़ा, शाह का पंजा, शिया जामा मस्जिद , कटघरा, सिपाह, कचगांव, बलुआघाट, दालान इमामबाड़ा, पोस्ती खाना, दलेल खां इमामबाड़ा, चहारसू की मस्जिद इत्यादी जगहो पर नज्र एवं नेयाज का आयोजन किया गया। शिया जामा मस्जिद , नवाब बाग, कसेरी बाजार में जोहर की नमाज के बाद इमामे जुमा, मौलाना महफुजुल हसन खां ने हजरत इमाम हसन के वेलादत के मौके पर मुबारक बाद पेश की एवं नज्र किया व उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुये कहा कि, पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा के नवासे एवं पहले इमाम हजरत अली के बड़े पुत्र हजरत इमाम हसन का जन्म 15 रमजानुल मुबारक 3 हिजरी में मदीने में हुआ था। उनके पिता इमाम हजरत अली व माता बीबी फातिमा जहरा थी। इमाम हसन हजरत अली की शहादत के बाद उनके उत्तराधिकारी बनाये गये उन्होंने गरीब के लिए हमेशा अपने द्वारा को खुला रखा आज भी दस्तरखाने इमाम हसन प्रसिद्ध है।
इमाम हसन ने इस्लाम को बरबादी से बचाने के लिए सीरिया के शासक से उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए समझौता किया जिसे इस्लामी इतिहास में सुलहे हसन के नाम से जाना जाता है। 50 हिजरी में इस्लाम दुश्मन ताकतो ने इमाम हसन को जहर देकर शहीद कर दिया उन्हें उनके नाना हजरत मोहम्मद मुस्तफा के पहलु में दफन नही होने दिया गया। अन्ततः उन्हें मदीने में ही जन्नतुल बकी में दफन किया गया। शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी ने हजरत इमाम हसन की वेलदत के अवसर पर उपस्थित जनो को गले मिलकर मुबारक बाद दी व मुल्क कौम व कुन्बे की तरक्की के लिए दुआ की।
Published on:
31 May 2018 06:58 pm
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