जमीन पर कब्जे के लिए कई दिनों से 5 हजार की रिश्वत मांग रहे लेखपाल को वाराणसी की एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। लेखपाल जौनपुर की मड़ियांहू तहसील में तैनात है।
जौनपुर। जीरो टोलेरेंस की निति पर काम कर रही योगी सरकार में रिश्वत लेने वाले कर्मचारियों पर लगातार नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार की शाम वाराणसी एंटी करप्शन टीम ने मड़ियांहू तहसील में तैनात लेखपाल को शिकायत के बाद 5 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल शिकायतकर्ता से लगातार जमीन पर कब्जे के लिए 5 हजार रुपए की डिमांड कर रहा था। फिलहाल उसे आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
सरौना गांव में दिलाना था जमीन पर कब्जा
शिकायतकर्ता प्रभुनाथ सरोज ने बताया कि मड़ियांहू तहसील अंतर्गत उनके गांव सरौना में उनकी जमीन के कब्जे सम्बंधित ऑर्डर एसडीएम ने किए थे और लेखपाल को आदेश दिया था। इसके बाद लेखपाल सत्येंद्र दत्त द्विवेदी के यहां पहुंचा तो उन्होंने जमीन कब्जे के लिए 5 हजार रुपए की डिमांड शुरू कर दी। मैंने उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराया पर वो नहीं माने, जिसपर एंटी करप्शन टीम से शिकायत की गई।
शनिवार को रंगे हाथ पकड़ लिया
भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी इकाई के इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर ट्रैप लगाया गया और केमिकल युक्त 5 हजार रुपए सतेन्द्र को दिए गए। इसके बाद प्रभुनाथ सरोज ने सत्येंद्र दत्त द्विवेदी को पैसे देने के लिए फोन किया और मछलीशहर रोड स्थित बिल्डिंग मेटेरियल की दूकान पर उसे बुलाया।
दर्ज हुआ मुकदमा
लेखपाल ने जैसे ही घूस लिया, वैसे ही भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने दबोच लिया।जब लेखपाल का हाथ धुलवाया तो उनका हाथ गुलाबी हो गया। टीम की तहरीर पर पुलिस ने लेखपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।