धीरे-धीरे विकास की अंधी दोड़ में जौनपुर की मूली अपना मूल वजूद खो रही है। इसके लिए उपयुक्त जमीन पर जहां मकान बन चुके हैं वहीं किसान कम समय में ज्यादा सब्जियां उत्पादन देने वाले प सल पर ध्यान लगे हैं। शहर के खासनपुर, मकदूमशाह अढ़न, पुराना बान दरीबा तथा राजपूत कङ्क्षठी के पीछे ताड़तला आदि जगह मोटी अौर वजनदार मूली के लिए उपसयुक्त जगह थी। इसकी खासियत थी कि यह कुछ उपजाऊ जमीन पर ही अपना विकास कर पाती थी। आज उन्ही जमीनों पर आलीशान मकान बन गये हैं। जगह सिमट गया है।