
असम में मुस्लिम बहुल जिलों में वोटरों की बढ़ी संख्या (Photo-IANS)
Assam Voter List: असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जमकर बवाल हुआ। इसी बीच चुनाव आयोग ने फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी है। प्रदेश में 2,43,485 लोगों के नाम काटे गए हैं। वहीं ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुकाबले फाइनल रोल में 0.97 फीसदी नाम कम हो गए हैं। इसके अलावा सीएम हिमंत बिस्व सरमा के विधानसभा क्षेत्र में भी वोटर कम हुए हैं, लेकिन इसके विपरीत मुस्लिम बहुल जिलों में वोटरों की संख्या बढ़ी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की विधानसभा सीट जलुकबाड़ी में वोटरों के नाम कटे हैं। इस क्षेत्र से करीब 4300 से अधिक नामों को वोटर लिस्ट से हटाया गया है। दरअसल, 27 दिसंबर को प्रकाशित मौसादा सूची में 2,10,624 नाम थे। इस सीट से सीएम सरमा पांच बार चुनाव जीत चुके हैं।
प्रदेश में मुस्लिम बहुल जिलों में वोटरों की संख्या बढ़ गई है, जिसमें गोलपाड़ा, धुबरी, बारपेटा, नगांव, बोंगाईगांव और हैलाकांडी जैसे जिले शामिल हैं। बता दें कि मुस्लिम बहुल जिलों में सबसे ज्यादा बारपेटा में वोटरों की संख्या में वृद्धि हुई है। यहां पर पिछले साल दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 28,625 नए वोटर जुड़े हैं।
फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद सीएम हिमंत बिस्व सरमा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान लाखों डी-वोटर (संदिग्ध मतदाता) हटा दिए गए थे।
प्रदेश में मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटरों की संख्या बढ़ने से आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभाव देखने को मिल सकता है। आगामी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है।
सबसे पहले, इन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की रणनीति बदलेगी और अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने की कोशिशें तेज होंगी। दूसरा, सीट शेयरिंग और उम्मीदवार चयन में समुदाय-विशेष की स्वीकार्यता अहम फैक्टर बनेगी, जिससे गठबंधन राजनीति को मजबूती मिल सकती है। तीसरा, कुछ सीटों पर मुकाबला ज्यादा करीबी होगा, क्योंकि वोट शेयर का संतुलन बदलने से पुराने राजनीतिक समीकरण टूट सकते हैं।
आगामी चुनावों को लेकर जहां एक तरफ पार्टियां मुस्लिम वोटरों को साधने की कोशिश में लगी हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। दरअसल, सीएम हिमंत बिस्व सरमा मुसलमानों को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं, जिससे अल्पसंख्यक वर्ग में नाराजगी हो सकती है।
पिछले दिनों सीएम सरमा ने “मियां मुसलमान” शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा था कि अगर कोई “मियां” मुस्लिम रिक्शेवाला 5 रुपये किराया मांगता है तो लोग उसे 4 रुपये ही दें, जिससे वह “परेशान” हो और राज्य छोड़ दे।
वहीं असम बीजेपी के एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर हुई थी, जिसमें सीएम सरमा को राइफल संभालते हुए दिखाया गया था। इसके अलावा इसमें एआई से तैयार किया गया एक भाग भी जोड़ा गया था, जिसमें दो लोग टोपी पहने हुए नजर आ रहे थे और उन लोगों को गोली लगते हुए दिखाया गया था।
सोशल मीडिया पर जैसे ही वीडियो वायरल हुई, प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद पार्टी ने इस वीडियो को डिलीट कर दिया था। विपक्षी नेताओं ने इस वीडियो की निंदा की और इसे खतरनाक भी बताया।
Updated on:
12 Feb 2026 11:18 am
Published on:
12 Feb 2026 11:17 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
