
सरकारी कर्मचारी घोषित कर वेतन बढ़ाया जाए
झाबुआ. एक्सीलेंस स्कूल खेल मैदान में मंगलवार दोपहर 12 बजे तीन हजार के करीब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। जिलेभर से जीप और बसों से कार्यकर्ता यहां पहुंचीं। आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं ने धरना स्थल पर सभा की और मांगे पूरी नहीं होने पर विरोध दर्ज करवाया। दो घंटे से अधिक चले धरना-प्रदर्शन के बाद वहां से रैली के रूप में दोपहर 3 बजे सभी कार्यकर्ता सामुदायिक भवन से निकले। वहां से दो-दो की कतार में बस स्टैंड चौराहा होते हुए मुख्य बाजार से कालिका माता मंदिर होकर गल्र्स स्कूल के सामने से डीआरपी लाइन होते हुए कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचे।
रैली में लाउड स्पीकर से नारेबाजी करते हुए दोपहर साढ़े 3 बजे आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता संघ की अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष गंगा गोयल ने कलेक्टोरेट में मांग पत्र का वाचन किया। कलेक्टर को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे तक कार्य करना पड़ता है, इसलिए इन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 18000 प्रतिमाह तथा सहायिका को 9000 एवं मिनी कार्यकर्ताओं को 18000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। आवेदन में मिनी आंगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ आंगनवाड़ी को मुख्य आंगनवाड़ी केंद्र में शामिल करने, सामाजिक सुरक्षा के तहत पीएफ , पेंशन, ग्रेच्युटी एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, बीमा राशि के लाभ में बढ़ोतरी, मासिक रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने का खर्च उपलब्ध कराने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के उम्र का बंधन हटाते हुए शत-प्रतिशत पदोन्नत करने, सुपरवाइजर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने, जिन कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर लिए उनके उन्नयन के लिए वरिष्ठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वरिष्ठ आंगनवाड़ी सहायिका नामक पद सुरक्षित करने, मानदेय एवं पोषाहार राशि का भुगतान प्रतिमा समय पर करने, दुर्गम एवं कठिन क्षेत्र में पदस्थ आंगनवाड़ी कर्मियों को कठिनाई भत्ते का भुगतान की मांग की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आवेदन के माध्यम से चेताया है कि अगर हमारी मांग पूरी नहीं की गई तो राष्ट्रव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
Published on:
11 Jul 2018 04:56 pm
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