
12 साल से कृषि उपज मंडी में हाट लगाकर नपा वसूल रहा बाजार बैठकी
झाबुआ. कुछ साल पहले प्रशासन ने कृषि उपज मंडी में हाट बाजार लगाने के लिए अस्थाई व्यवस्था की थी, तय हुआ था कि परिसर का आधा हिस्सा अनाज व्यापारियों के लिए निर्धारित रहेगा और आधे हिस्से में हाट बाजार लगेगा। लेकिन धीरे-धीरे अनाज व्यापारियों के व्यापार करने की जगह पर भी अब हाट बाजार लगने लगा है। अब अनाज व्यापारियों के पास फसल की खरीद फरोख्त करने के लिए अब स्थान ही नहीं बचा। इससे मंडी की आय शून्य होने से व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों की दुकानों के ठीक सामने तक हाट बाजार लग रहा है। वाहनों के आने जाने में भी समस्या हो रही है।व्यापारियों का कहना है कि मंडी परिसर में अनाज व्यापारियों को उचित स्थान मुहैया कराए। मंडी कर्मचारियों का कहना है कि मंडी की स्थिति के बारे में मंडी के एमडी से लेकर, जिले के डीएम , एसडीएम सभी को बताया गया है। प्रशासन का कहना है कि अन्य वैकल्पिक व्यवस्था जब तक नहीं होगी तब तक मंडी यही संचालित होगी। देखेंगे की कैसे व्यवस्थाएं बनाई जा सकती हैं। ऐसे में समस्या का निराकरण होते नजर नहीं आ रहा है।
80 प्रतिशत हिस्से पर संचालित हो रहा हाट बाजार -
दरअसल 12 सालों से अनाज मंडी में प्रति रविवार हाट बाजार लग रहा है। हाट बाजार वाले दिन ही मंडी में अनाज व्यापारी भी दुकान लगाते है। हाट बाजार मंडी परिसर के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से पर संचालित हो रहा है। अनाज व्यापारियों की दुकान के सामने तक कटलरी, टैटू वाले, नारियल वाले ,घर का सामान बेचने वाले, चूड़ी वाले, कपड़े वाले, खिलौने वाले दुकाने लगा रहे हैं। जिससे अनाज व्यापारियों को व्यापार करने में दिक्कतें आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि यहां व्यापार करने के लिए राजस्व हम चुका रहे हैं। जगह मंडी की है लेकिन अनाज व्यापारियों को ही व्यापार के लिए जगह ही नहीं मिल रही, सड़क पर व्यापार करने वालों ने कब्जा कर लिया है। उनसे राजस्व नगर पालिका को प्राप्त हो रहा है। जबकि कृषि उपज मंडी की आय शून्य और अनाज व्यापारियों को व्यापार करने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है।
अनाज व्यापारियों की पीड़ा-
कृषि उपज मंडी के 89 प्रतिशत भाग पर सब्जी मंडी और हाट बाजार लागाया जा रहा है। मंडी में अपनी ही जगह पर अनाज व्यापारी सिकुड़ कर बैठा है। मंडी में अनाज लेकर आये ग्रामीणों के लिए तैयार शेड में बोली लगाई जाती थी लेकिन यहां वाहनों की पार्किंग और ठेला व्यापारियों की दुकानें लगाई जा रही है। नगर पालिका द्वारा हाट बाजार में आने वाले लोगों के लिए चालित शौचालय की सुविधा भी नहीं दी जा रही है।यहां आने वाले हजारों लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो रहे हैं। मंडी में पहुंचे वाहनों को माल खाली करने में दिक्कत होती है। अनाज व्यापारियों ने अधिकारियों को कईबार जगह की कमी के संबंध में आवेदन दिया।
हाट बाजार के लिए दूसरी जगह का चयन जरूरी -
जगह की कमी और हाट बाजार स्थानांतरण करने के सम्बन्ध में पूर्व कलेक्टर और नगर पालिका को कई आवेदन दिए गए। अभी तक कोई विकल्प नहीं मिलने से हाट बाजार मंडी परिसर में लग रहा है। मंडी में अनाज व्यापारियों के व्यापार के लिए जगह नहीं बचती है। हम बार-बार व्यापारियों को यहां से हटाते हैं लेकिन वह कुछ ही देर में फिर से दुकानें लगा लेते हैं। हाट बाजार के लिए नगरपालिका कोई स्थाई जगह का चयन जल्द कर लेना चाहिए जिससे कि कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाएं बनी रहे।- एनएस मेडा, प्रभारी सचिव, कृषि उपज मंडी, झाबुआ
हमें नहीं पता -इस संबंध में पत्रिका से जानकारी प्राप्त हुई है। हम इस बारे में बैठक कर जानकारी जुटाएंगे और देखेंगे कि कैसे व्यवस्थाएं बनाई जा सकती हैं।
जाबिर खान, सीएमओ, नपा झाबुआ।
Published on:
16 Dec 2023 09:15 pm
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