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गांव के रास्ते में नदी, दूसरी तरफ जाने के लिए सड़क और पुलिया नहीं, प्रसूता को खटिया में डालकर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा, फिर अस्पताल ले गए

थांदला तहसील के ग्राम मुंजाल की घटना, गर्भवती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो जननी एक्सप्रेस को बुलाया,रास्ते में नदी होने से घर तक नहीं पहुंच पाई जननी एक्सप्रेस तो परिजन प्रसूता को खटिया में डालकर ले गए

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गांव के रास्ते में नदी, दूसरी तरफ जाने के लिए सड़क और पुलिया नहीं, प्रसूता को खटिया में डालकर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा, फिर अस्पताल ले गए

झाबुआ. सरकार के विकास के दावों को मुंह चिढ़ाती ये तस्वीर है थांदला तहसील के ग्राम मुंजाल की। गर्भवती अंजू को रविवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन ने तत्काल जननी एक्सप्रेस के लिए कॉल किया। जननी एक्सपे्रस समय पर गांव में पहुंच भी गई, लेकिन कच्चे रास्ते और नदी ने राह में बाधा खड़ी कर दी। जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो परिजन ने अंजू को खटिया पर सुलाया और उसे उठाकर नदी पारकर एंबुलेंस तक ले गए। इसके बाद अंजू को थांदला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां उसने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया।

लंबे समय से सड़क और पुलिया की मांग की जा रही है : ग्राम मुंजाल के ग्रामीणों के द्वारा लंबे समय से उनके गांव से बहने वाली नदी पर पुलिया के साथ सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हर साल बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं।
बड़ा सवाल-आखिर कहां है विकास : ऐसे वक्त में जब हम नए भारत की बात करते हैं। उस समय इस तरह की तस्वीर शर्मसार करने वाली है। यह साबित करता हैकि आजादी के 72 सालों के बाद भी ग्रामीण भारत में हालात अब तक नहीं बदले हैं। न तो सभी गांवों तक सड़क पहुंची है और न ही नदी-नालों पर पुलिया बनी है। ऐसे में सरकार के विकास के सारे दावे भी खोखले साबित हो जाते हैं।

खराब रास्ते और नदी पर पुलिया नहीं होने से घर तक नहीं पहुंच पाए
&कॉल आने के करीब 20 मिनट बाद ही हम मुंजाल गांव पहुंच गए थे। गांव के अंदर तक जाने का रास्ता कच्चा और बेहद खराब है। रास्ते में नदी पर पुलिया नहीं है। इस कारण हम प्रसूता के घर तक नहीं पहुंच सके। हम नदी के एक तरफ खड़े रहे और परिजन प्रसूता को खटिया में डालकर नदी के रास्ते से एंबुलेंस तक लेकर आए।
हर्ष शर्मा, एमटीओ, जननी एक्सप्रेस