
दवाखाने के परिसर में डॉक्टर की जगह भतीजा कर रहा इलाज
पिटोल. पिछले वर्ष 7 दिसंबर 18 से यहां पदस्थ डॉक्टर अंतिम बडोले के टे्रनिंग पर होने के बाद से पिटोल प्राथमिक स्वा. केन्द्र में मरीजों के प्रति बरती जा रही लापरवाही व शुक्रवार को प्रसूति के बाद कमला सकरिया मेड़ा निवासी बावड़ी बड़ी की महिला की मौत के बाद जनप्रतिनिधि जब पिटोल प्राथमिक स्वा. केन्द्र पहुंचे तो वहां का माजरा ही कुछ और था । ट्रेनिंग पर गए डॉक्टर की जगह कोई और डाक्टर नहीं था सिर्फ एक एएनएम थी। जिसने महिला की डिलेवरी करवाई। महिला ने एक स्वस्थ बालक को यहां जन्म तो दिया, किन्तु उसकी हालत नाजुक होते देख जब परिजन उसे दाहोद ले जा रहे थे तभी रास्ते में महिला की मौत हो गई।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि यहां डॉक्टर होते तो संभवत: महिला को बचाया जा सकता था। दूसरी ओर यहां पदस्थ डॉक्टर अंतिम बडोले के घर पर सरकारी परिसर में ही उनका भतीजा यशवंत पिता अनारसिंह बडोले जिसके पास न कोई डिग्री है न अनुभव मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ करता पाया गया। डॉक्टर के भतीजे द्वारा सरकारी अस्पताल में की जा रही प्रेक्टिस पर आपत्ति के बाद भतीजे ने दो जनपद सदस्यों बलवंतसिंह मेडा व पेमा भाबोर को ही धमकी दे डाली जो करना है कर लो कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
डॉक्टर से फोन पर मर्ज बताकर दवाई
जनपद सदस्यों के साथ बदसलुकी के बाद मामले ने तूल पकड़ा बडी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्रित हुए। जहां भतीजा यशवंत बडोले मउडी डुंगरी गांव की एक 55 वर्षीय महिला तुलसी पति केकडिय़ा को व पिटोल के भरत भाई घोडीवाले को जमीन पर लेटाकर स्लाइन चढा रहा था। डॉक्टर का यह भतीजा गत एक माह से निजी चिकित्सा सरकारी परिसर में ही चला रहा, अपितु यह बात सामने आई है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को वहां का स्टॉफ इलाज के लिए इन डॉक्टर अंकल के भतीजे के पास भेज देते हैं। जहां वह डॉक्टर से फोन पर मर्ज बताकर दवाई कर पैसा लेकर मरीज को घर भेज देता है।
मरीजों को पता ही नहीं कि उनका इलाज कर रहा वह कौन?
भतीजे के हाथों अपने मर्ज का इलाज करवा रही कमलाबाई मेड़ा ने बताया कि उसे पता ही नहीं है कि इलाज करने वाला कौन है वह तो सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी नर्सो नें उसे यहां भेज दिया। अब हम अनपढ़ लोग क्या जानें कि यह डाक्टर है या कोई ओर!
सीएमएचओ के आते ही भागा
मामले के तूल पकडऩे के बाद जिला मुख्यालय से सीएमएचओ के यहां आते ही यशवंत परिसर छोड कर भाग खड़ा हुआ। एकत्रित जन प्रतिनिधियों ने महिला की प्रसूति में मौत व डॉक्टर के भतीजे की कारगुजारी की जानकारी से अवगत कराया।
अनियमिताओं को बताया
ठ्ठ यहां पर वर्तमान में पदस्थ आयुष डॉक्टर नियमित नहीं आ रहे हैं।
ठ्ठ डाक्टर ड्युटी टाइम में ही निजी प्रेक्टिस कर पैसा ले रहा है।
ठ्ठ दबे छुपे प्रसुताओं से या उनके परिजनों से 500 से 1000 रु. तक की राशि वसुलने की बात जनप्रतिनिधियों ने कही।
ठ्ठ दवाईयां मरीजों को नहीं मिल पा रही है,ं बाहर से लाना पडती है।
कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे है
&जनपद सदस्यों व ग्रामीणों द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-डीएस चौहान, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी झाबुआ।
Published on:
13 Jan 2019 12:58 am

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