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माशिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव बोले: भ्रष्टाचार से आजादी दिलाने की जरुरत

  अंतिम छौर के लोगों को लाभ मिलेगा तब ही गांधी का सपना होगा साकार- राजस्थान पत्रिका की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शहर के प्रबुद्धजनों से साथ संगोष्ठी

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Former Secretary of Education Board said: Need to get freedom from cor

माशिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव बोले: भ्रष्टाचार से आजादी दिलाने की जरुरत

झालावाड़. आजादी अमृत महोत्सव के तहत शुक्रवार को राजस्थान पत्रिका के आजादी की बात अभियान के तहत शहर के प्रबुद्धजनों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिकों ने आजादी से जुड़े संस्मरण सुनाए तो सच्चे मायने में ब्यूरोक्रेसी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने को ही देश के लिए सच्ची आजादी बताया।
गोष्ठी में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव अम्बालाल सेन ने कहा कि देश में कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी व समाज में जागरुकता लाने का काम राजस्थान पत्रिका सुचारू रूप से कर रहा है, इसके लिए आभार।


भ्रष्टाचार से आजादी दिलाने की जरुरत-
सेन ने कहा कि आज देश में अभी बहुत करना बाकी है, खास तौर से प्रशासन में जो भ्रष्टाचार व्याप्त है उससे लोगों को आजादी दिलाने की जरूरत है। कल्याणकारी योजनाएं नीचले स्तर तक पहुंचे, उनका लाभ मिले, कार्यालयों में लोगों की सुनवाई हो। जन जुड़ाव की आवश्यकता है । आमजन ये समझे कि जनतंत्र मेरे लिए है। गांधी जी का सपना था कि जब भी आप कोई काम करें तो उसमें अंतिम छोर तक खड़े व्यक्ति का भी काम हो, तो आजादी का सपना पूरा होगा।

आजादी के महोत्सव में अहम योगदान-
पेंशनर समाज के जिलाध्यक्ष भंवरसिंह राजावत ने कहा कि देश की आजादी में पेंशनर व हमारे बुजुर्गों का अहम योगदान रहा है। बुजुर्गों के अनुभव का लाभ लेकर सरकारों को काम करना चाहिए। देश में पूरे उत्साह के साथ घर-घर तिरंगा फहराने की अपील प्रधानमंत्री द्वारा की गई है। सेवानिवृत्त व्याख्याता मथुरालाल सासना ने कहा कि गरीबों को समय पर न्याय मिले, सरकारी सिस्टम में उनकी सुनवाई हो तभी आजादी का मतलब होगा।

सम्प्रदायिक सदभाव बनाए रखें-
साहित्यकार व व्याख्याता अब्दुल मलिक ने कहा कि भारत की आजादी में कई लोगों ने कुर्बानी दी है। आज सभी वर्गों व सुमदायों में मिलकर रहने की आवश्यक है, इस स्थिति से देश कमजोर हो रहा है। सांप्रदायिक सद्भाव की महत्ती आवश्यकता है।

शिक्षा काढ़ांचा सुधारें-
रामसिंह सौलंकी ने कहा कि जिस प्रकार देश ने विकास किया है वो अच्छा है, लेकिन अभी कई कमियां उन्हे दूर करने की जरुरत है। देश में शिक्षा के ढंाचे को सुधार की आवश्यकता है। ।सेवानिवृत ग्राम विकास अधिकारी विष्णुप्रसाद बाथम ने सेवा कार्यों पर जोर दिया।