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झालावाड़

ढाई लाख कनेक्शन करने थे, पर अब तक 1 लाख 60 हजार ही हो पाए

जिले में जलजीवन मिशन योजना की धीमी गति से वर्ष 2024 तक घर-घर नल पहुंचाने का सरकार का सपना अभी तक अधूरा नजर आ रहा था। लेकिन अब प्रदेश में बनी डबल इंजन की सरकार से जिलेवासियों को उम्मीद है कि जलजीवन मिशन में समय पर बजट पहुंचेगा और काम तेज गति से होगा

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जिले में जलजीवन मिशन योजना की धीमी गति से वर्ष 2024 तक घर-घर नल पहुंचाने का सरकार का सपना अभी तक अधूरा नजर आ रहा था। लेकिन अब प्रदेश में बनी डबल इंजन की सरकार से जिलेवासियों को उम्मीद है कि जलजीवन मिशन में समय पर बजट पहुंचेगा और काम तेज गति से होगा। ऐसे में जिलेवासियों को पेयजल सप्लाई समय पर मिल पाएगी। अभी जिले में प्रोजेक्ट के तहत ढ़ाई लाख नल कनेक्शन करने का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक मात्र एक लाख 60 हजार के करीब ही नल कलेक्शन हो पाए है। ऐसे में कई ग्रामीणों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन गंावों में है जहां पानी का कोई साधन नहीं है। ग्रामीणों को एक से दो किमी दूर कुओं से पानी लाना मजूबरी बनी हुई है। जिले में 1478 गांवों में घर-घर नल कनेक्शन किए जाने हैं। लेकिन काम की धीमी रफ्तार के चलते तय समय अक्टूबर 2023 निकलने के बाद भी जिले के हर घर तक नल नहीं पहुंच पाए है। जिले में 782 करोड़ की परियोजना में अभी तक करीब 405 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन काम अभी तक 150 गांवों में पूर्ण हो पाया है, ऐसे में अभी तक1300 गांवे के लोगों को घर-घर नल का इंतजार ही बना हुआ है। मार्च 2024 तक जिले के 1478 गांवों में करीब ढ़ाई लाख घरों में पेयजल के लिए घर-घर नल कनेक्शन का लक्ष्य है। प्रदेश में पेयजल के बजट को लेकर पिछले पांच साल से सियासत जारी रही, लेकिन अब प्रदेश व केन्द्र में भाजपा की सरकार होने से योजना के तहत हर घर के प्रत्येक व्यक्ति को 55 लीटर के हिसाब से शुद्ध पेयजल मिल पाएगा।

इतने गांवों की स्वीकृति जारी हुई-

जल जीवन मिशन के तहत जिले में 1478 गंावों की स्वीकृति पूर्व में जारी हो चुकी है। वहीं 126 गांवों के लिए105 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। तो 103 गांवों के लिए कार्यादेश आ चुके हैं इसमें 15 गांवों में कार्य शुरू हो चुके हैं, इसमें टंकी से पाइप लाइन को जोडऩा शुरू कर दिया है। जिले के 126 गांवों में 30 हजार घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके है, शेष 1352 गांवों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति शुरू हो चुकी है।

जिले में योजना की प्रगति-

– 1478 गांवों में से 126 गांवों को एकल योजा द्वारा तथा 1352 गांवों को 14 वृहृद परियोजनाओं से हर घर जल उपलब्ध करवाया जाएगा। – 13 वृहृद परियोजनों के 1091 गांवोंके लिए कार्यादेश जारी किए गए, शेष 261 गांवों के लिए परवन-अकावद परियोजा की निविदा निकाली जानी है।

– 1091 गांवों में कार्य प्रगति पर है जिसमें से 119 गंावों में हर घल जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

-3 परियोजनाओं के कार्य दिसंबर अंत तक पूर्ण होंगे, जिससे 116 गांवों हर घर नल उपलब्ध होगा, शेष 856 गांवों में कार्य प्रगतिरत है।

– 681 गांवों में हर घरजल उपलब्ध कराने का कार्यफवरी 2024 तक पूर्ण किया जाने का लक्ष्य है, वहीं 175 गांवों में पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य दिसम्बर 2024 तक का है।

– झालावाड़ जिले में 2.5 लाख घरों में नल कनेक्शन का लक्ष्य, अभी तक 1.6 लाख घरों में ही नल कनेक्शन हो पाए है।

जिले में इन वृहृत परियोजनाओं से होगी पेयजल आपूर्तिरू

-छापी -छापी विस्तार -गुलेंडी

-कालीखार -जावर चंदीपुर -परवन अकावद

-गागरीन -रेवा -भीमनी -माधवी

– पिपलाज -चंवली-रायपुर -राजगढ-झालरापाटन -राजगढ़ ग्रामीणों की पीड़ा

– करोड़ों खर्च,फिर भी नहीं मिल रहा लाभ

– समेला गांव में जल जीवन मिशन के तहत लाइन खोदकर वैसे ही छोड़ दी है, नल कनेक्शन कब होंगे पता नहीं। सरकार योजना में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन जनता को समय पर इसका लाभ मिलना चाहिए। नवीन श्रृंगी, गांव सेमला

नालियां जाम हो रही-

समेला गांव में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन के लिए कुछ माह पूर्व सड़क खोदकर पटक दी, लाइन नहीं डालने से पेयजल संकट बना हुआ है।नालियां जाम हो रही है, गांव में मच्छरों का प्रकोप हो रहा है।

कालूलाल गांव सेमला।

आधे नलों में पानी नहीं आ रहा-

पिड़ावा क्षेत्र के सेमलीचौहान गांव के ग्रामीण नल के बारे में पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं। ठेकेदार ने खानापूर्ति की और नल ठीक नहीं किए, इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामवासी बहुत परेशान है बोलते है तो कहते है कि टंकी में पानी नहीं है, ठेकेदार ने जगह-जगह रोड खोद दिए हैं सीसी भी नहीं करी आए दिन बाइक फिसल जाती।

बहादुर सिंह, गांव सेमलीचौहान।

25ही कनेक्शन हुए-

पिड़ावा क्षेत्र के कल्याणपुरा गांव में 150 से ज्यादा नल कनेक्शन साल भर पहले किए गए थे। जिनमें से 25 कनेक्शन में ही पानी आ रहा शेष बंद पड़े हुए है। ऐसे में सरकार को जल्द ही जलजीवन मिशन में सभी नलों में पानी देने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को समय पर पानी मिल सके।

जितेंद्रसिंह, गांव कल्याणपुरा

311 गांव में काम चल रहा-

पिड़ावा क्षेत्र में 26 गांव कंपलीट हो चुके हैं, रेवा में गागरीन पेयजल परियोजना में डग में 311 गांव में काम चल रहा है। कहीं रोड खोदकर वैसे ही छोड़ दिए है तो उन्हे सही करवा देंगे। कल्याणपुरा में लीकेज का इश्यू, कई जगह वाल्व लगा रखे हैं, ऊंचाई वाले स्थानों पर थोड़ी परेशानी है। अलग-अलग जोन बनाकर पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।पिड़ावा डग में 38 टंकी बन गई है 22 पर काम चल रहा है।

दीपक झा,प्रोजेक्ट डारेक्टर, जल जीवन मिशन, झालावाड़।