
गिरफ्तार लोगों की फोटो: पत्रिका
Renu Murder Case Update: हत्या के अपराध में फरार चल रहे अभियुक्त को यदि कोई किसी तरह से भी मदद करता है,मसलन शरण देना, आर्थिक, वाहन उपलब्ध कराना या अन्य किसी तरह की सहायता, जिससे उसे फरारी काटने में मदद मिलती है तो फिर भारतीय न्याय संहिता [बीएनएस] की धारा 249 [ए] के तहत गंभीर अपराध है।
इसके तहत दोषी को पांच साल तक की सजा हो सकती है। झालावाड़ पुलिस ने इसी धारा के तहत अकलेरा के चर्चित रेणु हत्याकांड में मुख्य आरोपी उसके पति देवीकृपाल मीणा को शरण और अन्य तरह की मदद करने पर 6 जनों को गिरफ्तार किया। झालावाड़ जिले में इस धारा के तहत पहली बार कार्रवाई की गई।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि गत नवम्बर माह में चंदीपुर गांव में देवीकृपाल मीणा ने अपनी पत्नी रेणु की मारपीट कर हत्या कर दी थी और उसे सीढ़ियों से गिरना बताकर हादसे का रूप देने का प्रयास किया था। वे गंभीर रूप से घायल रेणु को अकलेरा के निजी अस्पताल में ले गए थे, वहां चिकित्सकों के मृत बताने पर देवीकृपाल और उसका भांजा कोमल मीणा शव को अस्पताल में ही छोडक़र फरार हो गए थे। परिजनों की ओर से रिपोर्ट नहीं देने पर इस मामले में पुलिस ने खुद परिवादी बनते हुए हत्या की एफआईआर दर्ज की थी।
पुलिस ने पिछले दिनों देवीकृपाल को कोटा से गिरफ्तार किया था। उसे पूछताछ के लिए दस दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ में पता चला कि देवीकृपाल और कोमल ने कई लोगों की मदद से करीब तीन महीने तक अलग-अलग इलाकों में फरारी काटी। इन लोगों ने आरोपियों की कार की नंबर प्लेट बदल दी। अन्य व्यक्तियों की आइडी के जरिए होटलों, किराए के फ्लैट और अन्य स्थानों पर रूके। फोन पर बात करने के लिए मोबाइल की सिम भी उपलब्ध कराई। यूपीआई के माध्यम से ट्रांजेक्शन भी किया। वे दोनों को पुलिस की कार्रवाई की सूचना भी मुहैय्या कराते रहे।
जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में अकलेरा निवासी इकबाल और जावेद खान, तुरकाडिय़ा निवासी रोशन मीणा और ललित मीणा, फोकरडा निवासी राहुल उर्फ ओमप्रकाश मीणा तथा उदपुरिया निवासी नवीन मीणा को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि रोशन और नवीन देवीकृपाल के भांजे है, जबकि ललित चाचा का लड़का है। राहुल कोमल मीणा की बुआ का लड़का है। जावेद और इकबाल देवीकृपाल के दोस्त है।
एसपी ने बताया कि बीएनएस की धारा 249 [ए] के तहत हत्या के आरोपी को किसी भी तरह की मदद देने के मामले में सिर्फ उसकी पत्नी की गिरफ्तारी नहीं हो सकती। बाकि उसके माता-पिता समेत सभी रिश्तेदार, दोस्त और अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है।
Updated on:
03 Apr 2026 10:20 am
Published on:
03 Apr 2026 08:59 am
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