
तांत्रिक बाबा के अधूरे रहे गए मंदिर निर्माण के अरमान
झालावाड़.शहर में चर्चित मामला युवराज सिंह आत्महत्या के मुख्य आरोपित कुलदीप सिंह को पुलिस ने बुधवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। कोतवाली थानाधिकारी हर्षराजसिंह खरेड़ा ने बताया कि मुख्य अरोपित कुलदीप सिंह को न्यायालय में पेश किया जहां से सीजेएम स्वाती शर्मा ने तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अभी तांत्रिक बाबा से ओर पूछताछ करेगी इसमें कई अहम जानकारियां सामने आएगी। इसके बाद मुख्य आरोपित कुलदीपसिंह को ३० मार्च को फिर से पुलिस न्यायालय में पेश करेगी।
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मंदिर के लिए जमीन खरीद ली थी-
पुलिस के गहनता से पूछताछ में आरोपित कुलदीपसिंह ने बताया कि उसने माता के नाम पर देवरीघटा के निकट मंदिर बनाने के लिए ४ बीघा १२ बिस्वा जमीन भी खरीद ली थी। जमीन के लिए मुख्य अनुयायों से पैसे लिए गए थे। पूछताछ में बताया कि उसने २५-३० लोगों से एक-एक लाख रूपए लिए है। खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री कुलदीपसिंह के नाम से की गई थी। इसके अलावा तीन बैंकों में खाते बताए गए है। पुलिस बैंक खातों की भी जांच करेगी इनमें कितनी लेन-देन हुई कितना केस कहां से आया है।
अन्य आरोपितों से भी होगी पूछताछ-
घटना में शेष अन्य आरोपितों से भी पुलिस अलग-अलग व आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि किस की कितनी भूमिका रही है, सहित कई बिन्दुओं पर गहनता से पूछताछ करेगी। इससे भी कई ओर जानकारियां मिल सकती है।
मोबाइल खोलेगा कई अहम राज-
इसके अलावा पुलिस मृतक के मोबाइल का लॉक खुलवाने के लिए कोटा एक्सपर्ट के पास लेकर जाएगी। मृतक के मोबाइल का लॉक खुलने के बाद मोबाइल पर क्या-क्या बाते हुए है। अश्लील मैसेज भेजने सहित कितनी किस से कब-कब बातें हुए सहित कई अहम जानकारियां पुलिस को मिल सकती है।
ऐसे डराता था, ताकि पहुंचे समाधान के लिए-
तांत्रिक आरोपित कुलदीपसिंह ऐसे डराता था ताकि परेशानी के समाधान के लिए उसके पास पहुंचे। वह किसी के भी घर में जाने के बाद महिलाओं को अकेली देखकर लाइट बंद करवाता था। फिर अंधेरे में स्वयं अचानक ऐसा नाटक करता था कि यहां तो सफेद कपड़ों में आत्मा घूम रही है। आप को रात को कुछ नजर नहीं आता है क्या। ताकि आदमी इसके समाधान के लिए उसके पास पहुंचे। वह कई प्रकार की तंत्र विद्या के लिए किताबें भी पड़ा करता बताया गया है। वह कौनसी किताबें पढ़ता था, यह मृतक युवराज के अलावा कोई नहीं जानता था। उज्जैन सहित अन्य स्थानों पर किसी भी कार्यक्रम में युवराज ही साथ जाता था। ऐसे में युवराज के मोबाइल से पुलिस को कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
Published on:
30 Mar 2018, 1:35 PM IST
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