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पैर की नस को हाथ की नस में लगाकर मरीज को अपंग होने से बचाया

झालावाड़.मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसजजरी विभाग में परिधिय तंत्रिका तंत्र का रविवार को सफल ऑपरेशन किया गया। छीपाबड़ौद के पिपलहेडा निवासी 34 वर्षीय बलराम का 6 महीने पहले सड़क दुर्घटना में दाएं हाथ में चोट आयी थी। इससे उसके दाएं हाथ की दोनों हड्डियां टूट जाने से अन्य अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन करवाया गया। परन्तु […]

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झालावाड़.मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसजजरी विभाग में परिधिय तंत्रिका तंत्र का रविवार को सफल ऑपरेशन किया गया। छीपाबड़ौद के पिपलहेडा निवासी 34 वर्षीय बलराम का 6 महीने पहले सड़क दुर्घटना में दाएं हाथ में चोट आयी थी। इससे उसके दाएं हाथ की दोनों हड्डियां टूट जाने से अन्य अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन करवाया गया। परन्तु बाद में उसके हाथ ने धीरे-धीरे काम करना बांद कर दिया।

इस पर न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. रामसेवक योगी को एसआरजी में दिखाया। जांच करने पर पता चला की उसके हाथ की नस अलनर नव चोट की वजह से खराब हो गई है, जिस वजह से उसके हाथ ने काम करना बंद कर दिया है।

इस पर योगी ने मरीज बलराम और उसके परिजनों को समझाया की यदि ऑपरेशन नहीं किया गया तो हाथ हमेशा के लिया काम करना बंद कर देगा। परिजनों की सहमती उसके पैर की नस को हाथ की खराब नस के साथ ट्रांसफर किया जो की सफल रहा। योगी ने बताया कि यदि हाथ या पैर की नस खराब हो जाती है तो उसका 6 महीने के अन्दर ऑपरेशन कर मरीज को आजीवन अपंग होने से बचाया जा सकता है।