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क्राइम सीन रिक्रिएशन से खुला राज, पत्नी की पीट-पीटकर हत्या की थी

-पांच माह बाद पति गिरफ्तार, पकडऩे गई पुलिस की गाड़ी को कार से टक्कर मारी

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  • खुद पुलिस ने दर्ज की थी हत्या की एफआइआर

झालावाड़ जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित रेणु उर्फ निमता हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति देवी कृपाल उर्फ डेविड को वारदात के करीब पांच माह बाद कोटा से गिरफ्तार कर लिया। कोटा में छिपे स्थान पर पकडऩे गई पुुलिस की टीम की गाड़ी को आरोपी ने अपनी कार से जोरदार टक्कर मार दी। मामले में खास बात यह रही कि युवती के परिजनों और ससुराल पक्ष ने इसे हादसे का रूप देने का प्रयास किया था, लेकिन मौके पर मिले सबूतों पर पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया हत्या माना और खुद थाने के हैडकांस्टेबल ने परिवादी बनकर हत्या की एफआइआर दर्ज कराई। पुलिस ने एफएसएल की टीम को बुलवाकर मौके पर क्राइम सीन रिक्रिएट किया और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए हत्या की गुत्थी सुलझाई।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि गत सात नवम्बर को तडक़े अकलेरा थाना क्षेत्र के चंदीपुर निवासी रेणु ऊर्फ निमंता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसके ससुराल और पीहर पक्ष ने सीढिय़ों से गिर जाने के कारण मौत होना बताया। पुलिस ने मौके के हालात देखे तो प्रथम दृष्टया हत्या होना माना। इस मामले में थाने के हैड कांस्टेबल सतवीर सिंह ने मृतका के पति देवीकृपाल और अन्य के खिलाफ हत्या और दहेज हत्या के आरोप में एफआइआर दर्ज कराई। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए एक-एक कड़ी जोड़ी तो पति द्वारा महिला की पीट पीटकर हत्या करने का खुलासा हुआ।

हत्या से पहले होटल में शराब पार्टी की-


पुलिस के सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि वारदात से पूर्व गत 6 नवंबर देव कृपाल के भांजे कोमल ने अकलेरा में एक होटल में कमरा बुक किया था। यहां दोनों ने शराब पार्टी की। इसके बाद देर रात दो बजे देवीकृपाल होटल से निकल गया। घर पर उसकी पत्नी रेणु के साथ कहासुनी हो गई। इसके बाद उसने रेणु के साथ जमकर मारपीट की। इससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई। यह घटना रात दो से तडक़े चार बजे के बीच हुई।

सुबह अस्पताल पहुंचाया, फिर भाग निकले-


मारपीट में गंभीर रुप से घायल रेणु को लेकर देवीकृपाल और कोमल मीणा सात नवम्बर की सुबह करीब पांच बजे कार में लेकर अकलेरा निजी अस्पताल पहुंचे। देवीकृपाल अपनी पहचान छिपाने के लिए कार से नीचे नहीं उतरा। कोमल रेणु को लेकर अस्पताल के अंदर पहुंचा। वहां डॉक्टर को उसने सीढ़ी से नीचे गिरना बताया। डॉक्टर ने जांच के बाद रेणु को मृत घोषित किया तो देवीकृपाल और कोमल उसके शव को अस्पताल में छोडक़र फरार हो गए। देवीकृपाल मृतका के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। उसका मोबाइल स्वीच ऑफ
आया।

मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम-


पुुलिस ने मेडिकल बोर्ड से मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाया तो शरीर में विभिन्न जगहों पर कुल १९ चोटें पाई गई। पुलिस ने बोर्ड के कई सवाल पूछते हुए उनकी राय ली।

सीन रिक्रिएशन से कहानी झूठी निकली-


पुलिस ने स्टेट एफएसएल की टीम को बुलवाया और तीन दिसम्बर को डमी के साथ वास्तविक समयानुसार घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि महिला की मौत सीढिय़ों से गिरने से नहीं बल्कि मारपीट से हुई थी। कमरे के अंदर संघर्ष और मारपीट के सबूत मिले।

अय्याशी का विरोध करने पर मारपीट-


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि देवीकृपाल ने रेणु से करीब साढ़े चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। देवी कृपाल अय्याश प्रवृति का व्य​क्ति था। वह शराब पीने का आदी था। उसके कई महिलाओं से अवैध सम्बंध थे। वह अक्सर होटलों में महिलाओं को लेकर जाता था। इसी बात को लेकर देवीकृपाल का पत्नी रेणु से आए दिन झगड़ा होता था। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद फरारी के दौरान भी देवीकृपाल अय्याशी कर रहा था।

कुछ साल में करोड़पति


पुलिस के अनुसार देवीकपाल पहले साधारण व्यक्ति था, लेकिन पिछले कुछ सालों में वह करोड़पति बन गया। उसने आलीशान मकान बना रखा था। उसके पास आधा दर्जन से अधिक चार पहिया वाहन मिले। पुलिस को शक है कि उसने अवैध तरीके से काफी पैसा कमाया। देवीकृपाल का भांजा कोमल एमबीबीएस कर रहा है।

कार से मारी टक्कर -


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोटा के आरकेपुरम इलाके में देवीकृपाल के छिपने की सूचना मिली। गत 21 मार्च को जब उसे पकडऩे झालावाड़ पुलिस की टीम कोटा पहुंची तो उसने भागने के लिए पुलिस पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, लेकिन पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले मे देवीकृपाल उर्फ डेविड को गिरफ्तार किया। उसके भांजे कोमल और एक अन्य अभियुक्त की तलाश है।


पहली बार अपनाई गई तकनीक
पुलिस ने पहली बार जिले में हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए सीन रिक्रिएशन, सीसीटीवी फु टेज और सीडीआर विश्लेषण का समन्वित उपयोग किया गया, जो पुलिस जांच में नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।