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दे दी जान आन हमारी जिंदा रखी

कनवाड़ा-कनवाड़ी स्थित रामकुंड बालाजी मंदिर में कवि सम्मेलन

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Shailendra Tiwari

Apr 09, 2017

सुनेल. क्षेत्र के कनवाड़ा-कनवाड़ी स्थित रामकुंड बालाजी मंदिर में शनिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उज्जैन के घटिया गयासुर के नारायण आश्रम गौ सेवा धाम के शिवम् बाप, अध्यक्षता भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अशोक दुबे, विशिष्ठ अतिथि रामदयाल गुप्ता, हनुमान प्रसाद नागर, रामभरोस पटवा, जानकीलाल रावल, हरिसिंह गुर्जर,रामगोपाल गुप्ता, जालमसिंह सिसौदिया, सरपंच अवन्तिका दुबे और चेनसिंह नागर थे।

अतिथियों ने बालाजी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देररात तक चले कवि सम्मेलन में कोटा के कवि गौरस प्रचंड ने देशभक्ति का रंग जमाते हुए सरहद पर दे दी जान आन हमारी जिंदा रखी, आदि कविताओं से तालियां बटोरी। रामभरोस धुलेट ने हाड़ौती में शृंगार रस बिखरते हुए या कुण छे री भाभी गजबन्न नार से नारी के सौंदर्य को उकेरा। राजेन्द्र तिवारी ने अब कहां से लाऊंमें भगत सिंह जैसे दीवाने कविता से युवा मन को झखझोरा। कवि प्रकाश सोनी यौैवन ने अपनी गजल इन खूबसूरत आंखों को क्यों छुपाती हो गजल सुनाकर माहौल में ताजगी जगाई। कोटा के राजेन्द्र गौड़ ने राममंदिर की राजनीति पर मेरे राम अयोध्या में बंदी हैं, नेताओं ये शर्मिदगी से राजनेताओं पर कटाक्ष किया।

शिवचरण शिवा ने झालावाड़ के गौरव का सन्त पीपा मिट्टेमहाबली की धरती को प्रमाण है रचना प्रस्तुत की। कवयित्री प्रीतिमा पुलक ने तुम राम बन जाओ, मैं शबरी ही बनूंगी पंक्तियों से भक्तिरस का संचार किया। कवि सुरेश निगम ने देशभक्ति गीत सुनाये। संचालन कर रहे कवि जगदीश झालावाड़ी ने हास्यरस से श्रोताओं को रसविभोर कर दिया। श्रीराम कुण्ड सेवा समिति के सदस्यों ने अतिथियों व कवियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई

क्षेत्र के कनवाड़ा-कनवाड़ी स्थित रामकुण्ड बालाजी मंदिर में चल रहे धार्मिक मेले में रविवार को भागवत कथा के पंाचवे दिन शिवम् बाप ने गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जहां मंागने से मिलता उसे संसार कहते हैं और बिन मंागे मिल जाए उसे रामकुण्ड बालाजी धाम कहते हैं।

उन्होंने कहा कि एक वैद को पढऩे में 12 वर्ष लगते हैं और चार वेदों को पढऩे में 48 वर्ष लगते हैं। उन्होंने गौ माता की उपेक्षा व कन्याओं के भूण हत्या के बारे में भी प्रवचन दिए।