
झालावाड़.राज्य सरकार के रसद विभाग द्वारा गिव अप अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा में अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाने की प्रक्रिया 1 नवंबर 2024 से शुरू की गई। लेकिन जिले की स्थिति अभी चिंतानजक है। लोगों को ऑफ लाइन व ऑनलाइन दोनों तरीके से नाम हटाने की सुविधा विभाग की ओर से मुहैया करवाई गई है, इसके बावजूद जिले के लोग इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। पूरे प्रदेश में गिवअप अभियान में झालावाड़ जिले की स्थिति चिंताजनक है। जिले का नाम अंतिम पांच जिलों की सूची में शामिल है। इसे सुधारने के लिए रसद विभाग अपने स्तर पर भी पूरे प्रयास कर रहा है। जिले में अभी तक 7 हजार 400 उपभोक्ताओं ने गिवअप किया। इनको माना अपात्र- खाद्य सुरक्षा योजना में सरकार द्वारा अपात्र में सरकारी कर्मचारी अद्र्ध सरकारी व चौपहिया वाहन हो उसको अपात्र पाना गया है। विशेष ट्रैक्टर से जो जीवन यापन करते उनको छूट दी गई है। अपात्र व्यक्तियों को गिवअप अभियान के तहत जागरूक स्वयं नाम हटाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 30 जून तक बढ़ाई तारीख राज्य सरकार द्वारा गिव अप अभियान के तहत स्वेच्छा से नाम हटाने की अवधि सरकार बढ़ाकर30जून कर दी गई है। अब अपात्र व्यक्ति अपना नाम 30 जून तक हटवा सकते है। अन्यथा कानूनी कार्रवाई समेत 27 रुपए किलो से सरकार द्वारा वसूली की जाएंगी।
फैक्ट फाइल-
- जिले में गिवअप अभियान में अभी तक 7470 उपभोक्ताओं ने अपना राशन छोड़ा।
-रसद विभाग ने 505 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किया।
राजस्थान सरकार ने गिव अप अभियान को अब एक सशक्त जन आंदोलन का रूप दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने गत दिनों स्पष्ट कहा कि राज्य की मंशा है कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ हर उस पात्र व्यक्ति तक पहुंचे जो अब तक वंचित रहा है। लेकिन जिले में लोग इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि अब तक प्रदेशभर में 20.71 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा है, जिससे 378 करोड़ रुपए की वार्षिक बचत केवल गेहूं वितरण से हुई है। इस अभियान से रसोई गैस सब्सिडी,आयुष्मान योजना और दुर्घटना बीमा योजना में भी बड़ी बचत संभव हो रही है। झालावाड़ अंतिम पांच जिलों में
जिला आवेदन
प्रतापगढ़ 250
बंूदी 322
धौलपुर 290
करौली 395
झालावाड़ 607
गोदारा ने गत दिनों निर्देश दिए कि गिव अप संख्या को 35 लाख से बढ़ाकर 50 लाख, फिर 60 लाख तक पहुंचाया जाए। यह भी स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों को योजना से हटाया गया है, उनके स्थान पर पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा। राज्य के लिए 4.46 करोड़ की केंद्रीय सीमा में अभी भी 16 लाख स्थान खाली हैं। इस माह तक 50 लाख नए लाभार्थियों को जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खाद्य सुरक्षा योजना के तहत ये लाभ मिलते है-
-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं।
- मुख्यमंत्री रसोई गैस योजना में 450 रुपए में 12 सिलेंडर।
- मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के अंतर्गत नि:शुल्क इलाज।
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तक का बीमा।
जिले में गिवअप अभियान की तारीख 30 जून तक कर दी है। विभाग की ओर से लगातार उपभोक्ताओं को व राशन दुकानदारों को प्रेरित किया जा रहा है।
Updated on:
15 Jun 2025 09:16 pm
Published on:
15 Jun 2025 09:16 pm
