
Chandrabhaga Kartik Fair 2021....चन्द्रभागा पशु मेला को हरी झण्डी, 14 से 21 तक भरेगा
झालावाड़। राज्य सरकार ने झालरापाटन में लगने वाले चन्द्रभागा पशु मेले के आयोजन की सशर्त अनुमति जारी कर दी है। यह मेला 14 से 21 नवम्बर तक कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। मेले में मनोरंजन व अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने गुरुवार को मेले के आयोजन के संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। कैसे मेले का आयोजन किया जाना है, किस-किस विभाग को क्या-क्या व्यवस्थाएं करनी है। इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। मेला आठ दिवसीय होगा।
इन निर्देशों की पालना जरूरी
- यह पशु हाट मेला केवल पशुओं के क्रय-विक्रय तक ही सीमित रहेगा।
- पशु हाट मेले में केवल वही व्यक्ति अनुमत होंगे, जिनके कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है।
- समस्त विक्रेताओं को आरटीपीएस टेस्ट करवाना अनिवार्य है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पर्याप्त दल लगाकर सैम्पल लिए जाएंगे।
- पशु मेला सुबह 6 से रात 10 बजे तक भरेगा।
प्रतिबंधित गतिविधियां
- सांस्कृतिक, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधित समारोह आयोजित नहीं होंगे।
- विकास आधारित प्रदर्शनी, पशु प्रदर्शनी, पशुओं की प्रतियोगिताओं का आयेाजन नहीं होगा।
- पर्यटन विभाग के कैम्प व अन्य ट्यूरिस्ट कैम्पों की अनुमति नहीं होगी।
- कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर झालरापाटन स्थित चन्द्रभागा नदी पर श्रद्धालुओं किया जाने वाले स्थान पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।
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प्रशासनिक निर्देश
- मेले में कोविड उपयुक्त यथा मास्क का अनिवार्य उपयोग, सेनेटराइेशन, दो गज की दूरी का ध्यान रखा जाए।
- रात्रि 10 से सुबह 5 बजे तक जन अनुशासन कफ्यूृ का पालना अनिवार्य होगा।
- स्थानीय कार्यपालक मजिस्ट्रेट , पुलिस अधिकारी व अन्य समक्ष अधिकारी नो मॉक्स नो एन्ट्री की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
- पशुओं के टीकाकरण का कार्य पशु पालन विभाग की ओर से किया जाएगा।
- झालरापाटन नगर पालिका के सहयोग से पशुओं की आवक-जावक नियंत्रण का कार्य पशुपालन विभाग की ओर से किया जाएगा।
- पशुओं के लिए पेयजल, रौशनी एवं पशु चिकित्सा सुविधा, पशुपालन, जलदाय तथा विद्युत निगम की ओर से की जाएगी।
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पत्रिका की मुहिम रंग लाई
राजस्थान पत्रिका ने पिछले दिनों चन्द्रभागा मेले के आयोजन को लेकर प्रमुखता से मुद्दा उठाया था। इसमें जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था कि जब पुष्पक मेले के आयोजन को अनुमति मिल सकती है तो चन्द्रभागा मेले को क्यों नहीं। इस मुहिम से कारवां जुटता गया और जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने सकारात्मकता से प्रयास कर मेले के आयोजन के संबंध में पशुपालन विभाग के माध्यम से राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया था।
Published on:
28 Oct 2021 05:21 pm
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