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जिले में तेज बारिश : कालीसिंध-आहू में उफान, गागरोन का रास्ता बंद, निराश लौटे पर्यटक

- अब हल्की बारिश

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Heavy rain in the district: Surge in Kalisindh-Ahu, road to Gagron clo

जिले में तेज बारिश : कालीसिंध-आहू में उफान, गागरोन का रास्ता बंद, निराश लौटे पर्यटक

झालावाड़.जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर चल रही है। वहीं किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। रविवार को कालीसिंध व आहू नदी उफान पर होने से दोनों तरफ की पुलिया पर पानी आ गया। ऐसे में दिनभर गागरोन की तरफ जाने वाला मार्ग बंद रहा। वहीं पर्यटक व जायरीन गोगरोन दुर्ग तक नहीं जा पाए। आधा दर्जन गांवों के लोगों का भी संपर्क कटा रहा। जिले में रविवार शाम तक डग, गंगधार में एक-एक, मनोहरथाना, पचपहाड़ में दो-दो एमएम बारिश हुई। वहीं 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश गंगधार में 50, झालावाड़ में 6.6, रायपुर में 5, अकलेरा में 9, असनावर में 3, बकानी में 4, डग में 9 झालरापाटन में 8, खानपुर में 2, मनोहरथाना में 4, पचपहाड़ में 6, पिड़ावा में 8 सुनेल में 7 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं भीमसागर में उजाड़ नदी की पुलिया बह जाने से बराणा व रतनपुरा गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। जिले में हो रही लगातार बारिश से फसले खराब होने लग गई है। अभी भी किसानों के खेतों में पानी भरा होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कालीसिंध बांध के 5 गेट 4 मीटर खोलकर 73185 क्यूसेक तथा भीमसागर बांध का एक गेट खोलकर 800 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही।

आधा दर्जन गांवों का संपर्क कटा-

जिले में कालीसिंध व आहू नदी में जोरदार पानी की आवक होने से दोनों नदिया ऊफान पर ही। ऐसे में गागरोन पंचायत के आधा दर्जन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। वहीं दूध वाले व आवश्यक कार्य से आने वाले लोग भी झालावाड़ नहीं आ पाए। किसानों की चिंता बढ़ी- जिले में हो रही लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अभी तक हुई बारिश से कई खेतों में पानी भरा होने से सोयाबीन की फसल सडऩे लग गई है। लगतार बारिश से फसल लगने लग गई है। वहीं इससे पूर्व पर्याप्त बारिश नहीं होने से पहले फसले सूख चुकी है। अब लगातार हो रही बारिश से फसलों को नुकसान हो रहा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अब झालावाड़ से मानसून आगे बढ़ गया है। अब भारी बारिश नहीं होगी हल्की बारिश की संभावना है।

जल्द बने दोनों पुलियां-

ग्रामीण ज्ञानसिंह गुर्जर, हंसराज कहार, बिरजू राजपुरा, देवकरण, भगवान सिंह आदि ने बताया कि गागरोन के नीचे कालीसिंध व आहू नदी की पुलियाएं ऊची नहीं होने से लक्ष्मीपुरा, गागरोन, बोर का कुआ, कोथला गड्डी, नौलाव, राजपुरा, दंडिया हरिपुरा, कानपुरा, गोलभाव आदि गांवों का संपर्क झालावाड़ से कट जाता है। ऐसे में बीमारी में व किसी प्रसूता को झालावाड़ नहीं ले जा पाते हैं। ग्रामीण दूध भी नहीं ले जा पाते हैं। हर बारिश में ग्रामीणों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।

निराश लौटे पर्यटक-

पुलियां ऊँची होने चाहिए-

विश्व विरासत सूची में शामिल जल दुर्ग को देखने आए है। लेकिन दोनों तरफ के रास्ते नदी आने से बंद है।ऐसे में प्रसिद्ध गागरोन जल दुर्ग को नहीं देख पाए है। सरकार को दोनों नदियों की पुलियाएं ऊंची करनी चाहिए। बाबू सिंह, पर्यटक बाड़मेर।

पर्यटन को बढ़ाना देना चाहिए-

हम सभी दोस्त गागरोन दुर्ग देखने आए थे, इसका बहुत नाम सुना था। लेकिन यहां आकर पता चला कि दोनों तरफ से रास्ता बंद है। यहां गागरोन किले तक पहुंचने वाली पुलिया पानी में ढकी हुई है, इसलिए जिस उद्देश्य से आए थे उसमें सफल नहीं हो सके। सरकार से यही अर्ज है कि इन पुलियाओं को ऊंचा करना चाहिए। ताकि यहां का टूरिज्म भी बढ़ेगा। सरवन सिंह, पर्यटक जैसलमेर।

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