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झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर बनने की जगी उम्मीद

किडनी, लिवर और हार्ट जैसे मुख्य अंगों की जरूरत वाले गंभीर मरीजों की जान बचाने में अंगदाता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सब कुछ सही रहा तो जल्द ही झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर बनने की उम्मीद जगी है

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किडनी, लिवर और हार्ट जैसे मुख्य अंगों की जरूरत वाले गंभीर मरीजों की जान बचाने में अंगदाता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सब कुछ सही रहा तो जल्द ही झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर बनने की उम्मीद जगी है। इसी को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से मंगलवार को एनटोटीपी के अन्तर्गत एक दिवसीय ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्डिनेटर ट्रैनिंग प्रोग्राम एंड रिव्यू मिटिंग का आयोजन राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान झालाना संस्थानिक क्षेत्र जयपुर में किया गया। जिसमें अंगदान और प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा ऑर्गन ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर्स के द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में 13 निजी महाविद्यालय व सरकारी मेडिकल कॉलेज से एक-एक डॉक्टर ने भाग लिया। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज से ऑर्गन ट्रांसप्लांट नोडल ऑफिसर न्यूरोसर्जन डॉ.रामसेवक योगी ने भाग लिया। योगी ने बताया कि बैठक में कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा सचिव व सोटो टीम जयपुर, कमिश्नर राजमेस आदि ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अंग दान के विभिन्न पहलुओं को एजेंडे का हिस्सा बनाया गया। बैठक में राज्य में अंग दान और प्रत्यारोपण को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों के लिए एक औपचारिक रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में आए सुझावों को मूर्त रूप देने के लिए कार्य योजना बनाने की बात चिकित्सा अधिकारियों ने कही। गत दिनों ऑर्गन डोनेशन के लिए प्रदेशवासियों द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से ली गई शपथ में राजस्थान पहले स्थान पर रहा।

सेंटर बनने की उम्मीद-

गौरतलब है कि झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में गत दिनों एक ब्रेन डेड के किडनी व अन्य अंग जयपुर व जोधपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाए गए थे। इस दौरान कॉलेज को एनटीओआरसी सर्टिफिकेट पिछले माह मिल चुका है। अब अगर झालावाड़ मेडिकल कॉलेज ऑर्गन ट्रंासप्लांट सेंटर बनाता है तो यहां के मरीजों को ही यहां ऑर्गन मिल सकेंगे। हालांकि इसके लिए कुछ सुविधाएं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है, लेकिन एक नेफ्रोलॉजिस्ट की जरुरत होगी। इसके लिए अन्य आठ मेडिकल कॉलेज के साथ इसे मूर्त रूप देने के लिए योजना बनाई जा रही है।

इन पर डाला प्रकाश-

योगी ने बताया कि एक दिवसीय ट्रैनिंग कार्यक्रम में राजस्थान में अंगदान की जर्नी, ब्रेन डेड प्रोटोकॉल, स्टेज ऑफ ग्रीफ एंड फैमेली काउंसिलिंग,रोल ऑफ ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर, ऑर्गन डोनेट करने वाले की भूमिका, दस्तावेजीकरण एवं कानूनी आसपेक्ट, एक्शनन प्लान ऑर्गन डोनेशन एंड ट्रांसप्लांट एंड एनटीओआरसी हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज के बारे में विस्तार से बताया गया।

मरीज रहते है वेटिंग लिस्ट में –

सूत्रों ने बताया कि स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) राजस्थान के अनुसार प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट के 608 सहित लिवर के करीब 230 तथा हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले 85 मरीज वेटिंग लिस्ट में हैं। यह सूची बड़ी होने के मुख्य कारणों में अंगदान की कमी होना और जिलों में ब्रेन डेड के अंग निकालने की सुविधा नहीं होना है।

राज्य में अंग प्रत्यारोपण केन्द्र –

किडनी ट्रांसप्लांट अधिकृत अस्पताल 14 है। जबकि इसमें 2 सरकारी, एसएमएस जयपुर और जोधपुर एम्स है। वहीं निजी किडनी ट्रांसप्लांट अधिकृत अस्पतालों की संख्या भी कम है। इसमें बदलाव लाने के लिए सरकार इस दिशा में काम कर रही है। अंगदान में बड़ा बदलाव ला सकता है यह कदम- अंग प्रत्यारोपण के लिए वेटिंग लिस्ट चिंताजनक है। इसे खत्म करने या कम करने के लिए अन्य जिलों में भी ऑर्गन डोनेशन रिट्रीवल सेंटर बनाए जाने चाहिए। जहां सिर्फ ब्रेन डेड के परिजनों की काउंसलिंग कर अंग निकालने की सुविधा हो। यह कदम अंगदान की जरूरत वाले मरीजों की जान बचाने में बड़ा कदम साबित हो सकता है। ये कामगत दिनों झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में सफल रहा।

राज्य में इन्हे बनाया जाना है सेंटर-

प्रदेश में एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के अतिरिक्त राज्य में संचालित आठ अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेज को किडनी, लीवर, हॉर्ट एंड लंग्स के लिए ट्रांसप्लांट सेंटर बनाया जाना है।इसके साथ ही इन आठ कॉलेजों में ब्रेन डेथ कमेटी(बीडीसीएस) का गठन भी किया जाएगा।

– झालावाड़ मेडिकल कॉलेज,झालावाड़ -डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर

– मेडिकल कॉलेज, कोटा

– एसपीएमसी बीकानेर

– आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर

– जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर

– आरयूएचएस सीएमएस जयपुर

– एम्स जोधपुर

26 मार्च को बैठक हुई है-

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को पिछले माह एनटीओआरसी सिर्टिफिकेट मिल चुका है। अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर बनाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। इसके लिए जयपुर में 26 मार्च को एक दिवसीय मिटिंग हुई है, जिसमें विस्तार से चर्चा हुई है। सेंटर बनता है तो जिलेवासियों सहित क्षेत्र की जनता को इसका फायदा मिलेगा।

डॉ.रामसेवक योगी, नोडल ऑफिसर, ऑर्गन, ट्रांसप्लाट टीम, मेडिकल कॉलेज,झालावाड़।