
झालरापाटन. हरिश्चंद्र कृषि उपज मंडी में रिकॉर्ड तोड़ सोयाबीन की आवक होने से पूरा मंडी परिसर भर गया। इससे जिंस को रखने के लिए जगह नहीं बची। ऐसे में दो दिन मंडी के गेट बंद रखने का निर्णय किया गया। ऐसे में मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लग गई और गेट बंद करने का किसानों ने विरोध किया।
तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने गुरुवार सुबह मंडी के गेट पर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन कर विरोध जताया। तहसील क्षेत्र के गांव निमोदा, गागरोन, लावासल सहित आधा दर्जन गांव के किसान गुरुवार सुबह मंडी गेट पर एकत्र हुए जिन्होंने उपज की खरीद के मामले में व्यापारियों की मनमानी के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आढ़तियों की सूचना पर वह गांव से ट्रैक्टर व अन्य साधनों से जिंस भरकर मंडी में बेचने के लिए लेकर आए हैं। मंडी का गेट लगा होने से यहां पर उनके उपज से भरे वाहनों को गेट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जिसे लेकर वह परेशान हो रहे हैं।
दो दिन से खड़े हैं गेट के बाहर
किसानों ने बताया कि उनमें से कई किसान तो बुधवार शाम से ही अपने उपज से भरे वाहनों को लेकर यहां पर खड़े हैं, कई किसान गुरुवार सुबह 6 बजे से ही यहां पर आ गए हैं जिन्होंने अपने वाहन मंडी के गेट के बाहर खड़े कर रखे हैं।
गुमराह कर रहे व्यापारी
प्रदर्शनकारियो ने बताया कि उनकी उपज को खरीदने के मामले में यहां के व्यापारी बार-बार मंडी को बंद करके अपनी मनमानी कर रहे हैं जिससे उन्हें भूखे प्यासे यहां पर परेशान होना पड़ता है। मंडी में जिंस की नीलामी विलंब से शुरू कर कुछ देर बाद ही बंद कर देते हैं। जिससे उनके द्वारा लाई गई उपज का दो से तीन दिन तक तोल नहीं हो पाता है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मंडी के व्यापारी परिसर में जगह खाली नहीं होने की जानकारी देकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं जबकि गुरुवार सुबह पूरा परिसर खाली पड़ा हुआ है।
लोडिंग-अनलोडिंग नहीं होने से परेशानी
Updated on:
25 Oct 2024 10:07 pm
Published on:
25 Oct 2024 10:06 pm

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