
Jhalawar News, Jhalawar Education Department. पांचवी की परीक्षा देने 10 किमी दूर जाना पड़ेगा
झालावाड़ . चौमहला. Jhalawar News, Jhalawar Education Department शिक्षा विभाग के अधिकारियों के एक फरमान से पांचवीं कक्षा के चालीस विद्यार्थियों के लिए भारी समस्या पैदा कर दी है। अधिकारियों के एक फरमान के चलते एक सरकारी स्कूल से करीब दस किमी दूर चिलचिलाती धूप में परीक्षा देने जाना पड़ेगा। डग ब्लॉक के जैताखेड़ी गांव के विद्यर्थियों को दूर परीक्षा केन्द्र आवंटित किया गया है। जबकि बमुशिकल दो किमी पर ही स्कूल था।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जैताखेड़ी के पांचवी के 40 विद्यार्थियों को करीब 10 किलोमीटर दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रोझाना में बोर्ड परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है। ऐसे में दोपहर 2 से 4.30 बजे भीषण गर्मी में बच्चों को 10 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाना पड़ेगा। जबकि गंगधार जैताखेड़ी से मात्र 2 किलोमीटर ही पड़ता है।
साधनों का अभाव
जैताखेड़ी गांव रोड से हटकर बसा हुआ है। जहां से कही भी आने जाने के लिए कोई सीधा साधन नही मिलता है। ऐसे में ये 10 से 11 साल के बच्चे भीषण गर्मी में 10 से 11 किलोमीटर कैसे परीक्षा देने जाएंगे।
खता किसी की सजा किसी को
उच्चाधिकारियों को बच्चों की परेशानी को देखते हुए यह पता करना चाहिए कि गलती है किसकी। क्योंकि सूची में जैताखेड़ी से रोझाना की दूरी तीन किलोमीटर दर्शा रखी है जबकि वास्तविक दूरी करीब 10 किलोमीटर है। ये चूक किससे हुई है जिसका खामियाजा अब बच्चो को भीषण गर्मी में भुगतना पड़ेगा।
परेशानी तो होगी
. विद्यालय में पांचवी कक्षा में 40 बच्चे अध्यनरत है। जिनका बोर्ड परीक्षा केंद्र रोझाना में आया है। ऐसे में छोटे बच्चों को परीक्षा देने जाने में परेशानी तो होगी। सूची में जैताखेड़ी से रोझाना की दूरी 3 किलोमीटर दर्शा रखी है जबकि वास्तविक दूरी करीब 10 किलोमीटर है। राकेश कुमार मीणा, प्रधानाध्यापक राउप्रावि जैताखेड़ी
मैं दिखवाता हूं
& जैताखेड़ी का पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी क्षैत्र रोझाना है जो कि वहां ग्राम पंचायत मुख्यालय भी है। इसी को देखते हुए परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। परिजनों को भी थोड़ा देखना होगा। फिर भी एक बार मैं इसे दिखवाता हूं।
ओमप्रकाश मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, डग
पूरे राजस्थान में ही ऐसा हुआ
. परीक्षा केंद्र के हिसाब से पेपर भी पैक हो गए हैं। अब कोई संशोधन होना सम्भव नही है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा ही करवाई गई थी उसी के अनुसार परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। ये उन्हें देखना चाहिए था कि वास्तविक भौगोलिक स्थिति क्या है। पूरे राजस्थान में ही ऐसा हुआ है। बच्चों को परेशानी तो होगी। बालाराम बालोदिया, प्राचार्य, डाइट झालरापाटन
Published on:
04 Apr 2022 11:22 am
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