ककोड़ा को कंटीला व मीठा करेला भी कहा जाता है
भवानीमंडी. बाजार में सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। गरीब व मध्यम परिवारों के लिए हरी सब्जियां खरीदना मुश्किल हो गया है। इस बीच खेतों, रास्तों आदि की मेड़ पर लगी देशी सब्जी किकोड़ा ने उन्हें राहत पहुंचाई है। कई किसान किकोड़ा बीनकर पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक सब्जी से भोजन के स्वाद का लुत्फ उठा रहे हैं। कंटोला, जिसे आम बोलचाल में किकोड़ा, ककोरा कहा जाता है। इसे सबसे शुद्ध और गुणकारी सब्जी माना जाता है। किकोड़ा सब्जी की प्रदेश में भी मांग रहती है। सुनिता, योगेश शर्मा, रेखा सिोदिया, शर्मा,चन्द्रमणी झाला व बड़े-बुर्जुगा का मानना है कि किकोड़ा सब्जी ही नहीं, अपने आप में एक दवा और पोषक तत्वों का युग्म है। इसकी जड़, बेल, पत्ते व फल सभी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। सुलिया गांव निवासी कास्तकार सरपंच बहादुर सिंह गुर्जर ने बताया कि यह आस-पास के खेत की मेड़ आदि पर बहुत ज्यादा उगती है। आवली गांव निवासी महावीर पाटीदार ने बताया कि घर पर खाने के बाद कुछ किसान बाजार में भी बेचते हैं।
180 रुपए किलो तक भाव सब्जी मंडी में इन दिनों अन्य सब्जियों के साथ इस सब्जी के भाव भी आसमान पर हैं। सब्जी व्रिकेता चेतन गुप्ता ने बताया कि यह सब्जी बहुत कम पाई जाती है। यह बारिश के मौसम में ही आती है। इस का भाव अभी 180 रुपए किलो तक है। जगदीश वरन्दानी ने बताया कि इस सब्जी का स्वाद तो अपनी जगह है पर यह सब्जी हमारे स्वास्थ के लिए काफी फांयदेमद भी है।
बीमारियां भी रहती दूर, आर्गेनिक भी वर्तमान में प्रत्येक सब्जी के अधिक उत्पादन के लिए रसायन का प्रयोग किया जाता है, जिससे सब्जियां जहरीली बन रही है। वहीं किकोड़ा पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक होता है। इसके सेवन से कई गंभीर बीमारियां भी दूर रहती हैं। इसका वैज्ञानिक नाम मोमोरडिका डायोइका हैं। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। बारिश के मौसम में खेतों की मेड़, गोचर में झाडि़यों, पेड़ों आदि के सहारे उगी बेलों पर कंकेड़ा के फल लगे रहते हैं। किकोड़ा को ककोड़ा, कंटीला व मीठा करेला भी कहा जाता है, यह करेले के प्रजाति की सब्जी होती है।
यह सबसे अधिक पौष्टिक व औषधीय गुणों से भरपूर है। लगभग सभी प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं। पेट सम्बन्धी कई बीमारियों से बचाव, मोटापा कम करने, कैंसर व अल्सर सहित हृदय रोगों से बचाव करता है। किकोड़ा एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें फ्लेवोनोइड तत्व होता है। यह हृदय रोग, कैंसर, चर्म रोग, आंखों के रोग तथा लिवर की समस्याएं रोकता है। इसकी पूरी बेल ही आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होती है। डॉ. शिव शंकर सोनी, प्रधान चिकित्साधिकारी, राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्साधिकारी, झालावाड़