4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नवरात्र पर देवी मां की आराधना बुधवार से

-देवी प्रतिमाएं होगी स्थापित, दर्जनों स्थानों पर होगें गरबा

2 min read
Google source verification
Mother Goddess Navratri on Wednesday

नवरात्र पर देवी मां की आराधना बुधवार से

नवरात्र पर देवी मां की आराधना बुधवार से
-देवी प्रतिमाएं होगी स्थापित, दर्जनों स्थानों पर होगें गरबा
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. शारदीय नवरात्र महोत्सव बुधवार से शुरु होगें। जिले में नौ दिन तक हर्षोल्लास से चलने वाले इस महोत्सव की तैयारी जोरशोर से चल रही है। शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर गरबा स्थल सजने का काम सोमवार को भी जारी रहा। देवी मंदिरों को भी रंग रोगन कर सजाया गया है। महोत्सव के दौरान श्रद्धालु अनुष्ठान, रामायण पाठ, आराधना व अन्य धामिक कार्यक्रम में जुटेगें। बुधवार को शहर में घरों, मंदिरों व अन्य स्थानों पर शुभ मुर्हूत में देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। शहर में रोडवेज बस स्टेंड परिसर स्थित दुर्गा माता मंदिर के सामने, डिप्टीजी के मंदिर के सामने, मंगलपुरा मंगलेश्वरी माता मंदिर, पंचमुखी बालाजी, खंडिय़ा तालाब के किनारे स्थित चामुंडा माता मंदिर, आवासन मंडल, जवाहर कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, संजय कॉलोनी, भोई मोहल्ला, खंडिय़ा कॉलोनी व धनवाड़ा सहित कई स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित कर गरबा नृत्य का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नौ दिन तक विभिन्न धामिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएगें।
-नौ हजार तक बिकी देवी मां की प्रतिमा
शहर में खडिय़ा चौराहे के निकट देवी प्रतिमाओं की दुकाने लगी है। श्रद्धालुओं ने सोमवार को भी प्रतिमाएं खरीदी। दुकानदार श्रवण ने बताया कि सबसे छोटी मात्र 6 इंज की देवी प्रतिमा दस रुपए से लेकर करीब नौ फिट की प्रतिमा नौ हजार रुपए की कीमत में बिकी। शहर के बड़ा बाजार, मंगलपुरा सहित अन्य दुकानों पर अनुष्ठान सामग्री आदि भी सजने लगे है।
झालरापाटन चंद्रभागा नदी के किनारे पर स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर में नवरात्र महोत्सव के तहत बुधवार से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मां अन्नपूर्णा सेवा समिति के अध्यक्ष पंडित संजय कुमार वैष्णव ने बताया कि इस अवसर पर 10 अक्टूबर को प्रात: बजे नवरात्र स्थापना, 20 अक्टूबर को प्रात 9 बजे रामायण पाठ प्रारंभ किया जाएगा। 21 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे छप्पनभोग की झांकी सजाई जाएगी। दोपहर 2 बजे देवी माता को चुनरी ओढ़ाई जाएगी। 3 बजे बाद भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। शाम को महा प्रसादी भंडारा आयोजित होगा।