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जनप्रतिनिधि स्वार्थों पर नहीं, आदर्श पर चले

इंटरनेशनल इनर व्हील क्लब की पदाधिकारियों ने रखी अपनी बात

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जनप्रतिनिधि स्वार्थों पर नहीं, आदर्श पर चले

झालावाड़. राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर अभियान को लेकर सोमवार को इंटरनेशनल इनरव्हील क्लब की पदाधिकारियों से परिचर्चा की गई। परिचर्चा में क्लब की सदस्यों ने बताया कि राजनीति में नेताओं के कुछ आदर्श होते है, युवा उन्हें फॉलो करते हैं। वही सही दिशा में नहीं चलेंगे तो देश का विकास कैसे होगा, कुछ ने कहा कि राजनीति की सफाई के लिए महिलाओं, युवाओं सभी को मिलकर लोकतंत्र में भागीदार बनना होगा।

आज नेता स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं जहां उन्हें फायदा हो वहीं काम करते हैं जबकि जनता उन्हें सभी के फायदे के लिए चुनती है। जैसे ठहरा हुआ तालाब का पानी सड़ जाता है और उसे साफ करने के लिए निकालना पड़ता है। ऐसे ही राजनीति की सफाई के लिए साफ छवि के लोगों को आगे लाना होगा।
जया गुप्ता, संयुक्त सचिव

राजनीति पूरी तरह से दूषित हो चुकी हो ऐसा नहीं है। कुछ लोग आज भी अच्छे हैं लेकिन उच्च स्तर पर जो काम होते हैं उनकी स्वार्थी लोगों द्वारा सही फिडबेक नहीं दिया जाता है। इससे ऊपर के स्तर पर सही सूचना नहीं पहुंचती है। वास्तविकता का पता नहीं होने से योजनाएं क्रियान्वित नहीं हो पाती है।
मंजूला विजयवर्गीय, क्लब अध्यक्ष

आज हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार पनप रहा है। इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा। तभी राजनीति की सफाई होगी। पढ़े-लिखें लोगों को मौका मिलना चाहिए। आज युवा सड़कों पर बैठें एसएससी की एग्जाम में गड़बड़ी के लिए न्याय मांग रहा है। संविधान में बदलाव जरूरी है। ऐसे लोग राजनीति में आए जिन पर किसी प्रकार का दाग नहीं हो।
विभा जैन, इंटरनेशनल सर्विस ऑफिसर

शिक्षित महिलाओं को भी राजनीति में आने का मौका मिलना चाहिए। एक महिला पूरा घर संभालती है। वह राजनीति में हर प्रकार की परेशानी समझ सकती है। महिलाओं को राजनीति में लाने के लिए कोटा तय हो। महिलाओं को राजनीति में भाग लेना चाहिए।
ममता गुप्ता, क्लब सचिव

चुनाव के समय राजनेता घोषणाएं तो खूब करते हैं, लेकिन वह पूरी नहीं हो पाती है। अंत समय में घोषणाएं याद आती है। लेकिन उन पर काम नहीं हो पता है। ऐसे में राजनीति को लोग झूठें वादे व मिथ्या समझ लेते हैं। राजनीति की शुद्धि के लिए हर नागरिक को जागरूक होना होगा।
ऋतु, क्लब सदस्य

संविधान में बदलाव होना चाहिए। सभी को समानता के अधिकार की बात होती है लेकिन समानता का अधिकार कहां मिल रहा है। एक उच्चअधिकारी का बेटा भी आरक्षण का फायदा उठा रहा, आने वाली पीढ़ी भी उठा रही है लेकिन एक सामान्य वर्ग के छात्र को लंबे समय से तैयारी करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है। यह समानता कहां हुई। राजनेता अपने फायदे के लिए कई हथकंडे अपनाते हैं, अब ऐसा नहीं चलेगा। लोगों को जागरूक होकर राजनीति को साफ करना होगा।
आकांक्षा पाटनी, क्लब लेटरेसी डायरेक्टर