
झालावाड़. संसदीय क्षेत्र झालावाड़ एवं बारां की सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाओं के विस्तार को लेकर जयपुर में शनिवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जलदाय एवं जल संसाधन मंत्रियों की मौजूदगी में सांसद दुष्यंत एवं दोनों ज़िलों के विधायकों ने क्षेत्र की मांगों को प्रस्तुत किया। बाद में संसदीय क्षेत्र के शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाक़ात की।
बैठक में सांसद दुष्यंत सिंह ने परवन वृहत सिंचाई एवं पेयजल परियोजना के झालावाड़ और बारां ज़िलों में वंचित गांवों तक विस्तार की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण को प्राथमिकता देते हुए पहले दोनों ज़िलों को पानी मिले। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच करवाने की मांग भी रखी।
छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने लहासी नदी का डाइवर्जन कर छीपाबड़ौद एवं दीगोद खालसा को बाढ़ से बचाने की योजना बनाए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने परवन परियोजना से प्रभावित बिलेंडी गांव को मुआवज़ा दिए जाने की मांग की। किशनगंज विधायक ललित मीणा ने अहमदी बांध की नहरों के निर्माण की राशि बढ़ाने का विषय रखा। उन्होंने हथियादेह सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को सुवांस के स्थान पर मोयदा में पुनर्स्थापित करने की मांग उठाई। अन्ता विधायक कंवरलाल मीणा ने ईआरसीपी का कार्यालय बारां में ही खोले जाने और महलपुर के असिंचित क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की मांग उठाई। परवन परियोजना से ही खानपुर एवं छीपाबड़ौद के 10-10 एवं अटरू के 12 गावों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने पर चर्चा हुई।
चौमहला क्षेत्र के 20 गांवों में सिंचाई के लिए योजना बने
Updated on:
01 Dec 2024 02:22 pm
Published on:
01 Dec 2024 02:21 pm
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