
ग्रामीण क्षेत्र में हर पच्चीसवां जना बीमार, हर पांचवें बीमार को दर्द की शिकायत, प्रत्येक ग्राम पंचायत में औसतन 237 लोग व्याधि पीडि़त...यह तस्वीर है प्रदेश को दूसरी बार मुख्यमंत्री देने वाले झालावाड़ जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य की।
जिले की 252 ग्राम पंचायतों में हुए 'आरोग्य राजस्थान के सर्वे में कुल 59 हजार 723 रोगी सामान्य बीमारियों के चिह्नित किए गए हैं। आशा सहयोगिनियों से सर्वे करा कर सामान्य बीमारियों को यह डाटा जुटाया गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए इस सर्वे में सामान्य बीमारों को चिह्नित तो कर लिया लेकन जमीनी हकीकत देखें तो अब इन बीमारों के उपचार के लिए विभाग ने कोई कार्ययोजना तय नहीं की है।
दर्द के रोगी मिले अधिक
सर्वे के आंकड़ों पर गौर करें तो दर्द के रोगी सर्वाधिक मिले। इसके तहत जोड़ों में दर्द के 12 हजार 296, कमर दर्द के 8 हजार 446, लंबे समय से सिरदर्द के 4 हजार 389, पेटदर्द के 5 हजार 456, आंखों से कम दिखाई देने वाले रोगी 4 हजार 747 हंै। वहीं जन्मजात विकृति के जिले में 188 रोगी मिले।
शहरी क्षेत्र को छुआ ही नहीं
झालावाड़. जिले में 'आरोग्य राजस्थान के तहत किए सर्वे में शहरी क्षेत्रों को नहीं छुआ। सर्वे के अभाव में शहरी क्षेत्रों के सामान्य बीमारियों के रोगियों के बारे में जानकारी नहीं लग पा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है 'आरोग्य राजस्थानÓ में जिले के झालरापाटन, अकलेरा, मनोहरथाना, बकानी, पिड़ावा व भवानीमण्डी ब्लॉक में किए सर्वे में इन के शहरी क्षेत्र भी शामिल कर लिए गए हैं।
झालावाड़ शहरी क्षेत्र में जरूर सर्वे नहीं हुआ। अधिकारी बताते हैं कि शहरी सर्वे के लिए पहले तो उच्च अधिकारियों ने प्रपत्र बांटने के निर्देश दिए थे। इसके लिए आशा सहयोगिनियों से प्रपत्र तो वितरित करा दिए लेकिन एनवक्त पर उच्चाधिकारियों ने शहरी क्षेत्र में सर्वे से इनकार कर दिया।
सात माह चला सर्वे
चिकित्सा विभाग का यह सर्वे करीब सात माह तक चला। इसके लिए दिसम्बर 2015 में 'आरोग्य राजस्थानÓ के तहत बीमारियों के चिह्निकरण का कार्य शुरू हो गया था। यह अगस्त तक चला। अब इन बीमारों का डाटाबेस का खुलासा विभाग ने किया है।
इतने हैं मरीज
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किए सर्वे के मुताबिक कुल 59 हजार 723 मरीज विभिन्न सामान्य बीमारियों के चिह्नित इसमें पुरूष 25 हजार 522, महिलाएं 34 हजार 201 चिह्नित किए।
आरोग्य राजस्थान में शहरी क्षेत्र में सर्वे नहीं किया। लेकिन जिन ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे हुआ।वहां ब्लॉक के कुछ शहरी क्षेत्रों को ब्लॉक में शामिल किया है। इसलिए शहरी क्षेत्र के अलग से आरोग्य राजस्थान के सर्वे के आंकड़े हमारे पास नहीं है।
शैलेश शर्मा, समन्वयक एनयूएचएम
Published on:
01 Dec 2016 05:50 pm
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