
अंतिम संस्कार करते ग्रामीण और इनसेट में मृतक भाई-बहन की फाइल फोटो: पत्रिका
Bother-Sister Last Rites Together: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में शुक्रवार को हुए दर्दनाक स्कूल हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जब एक साथ अर्थी पर दो मासूम सगे भाई-बहन कान्हा और मीना को शमशान ले जाया गया तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। थोड़ी दूर बैठी मां के करुण विलाप से माहौल इतना भावुक हो गया कि आसपास मौजूद लोग भी उसे ढांढस बंधाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
पीपलोदी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले क्लास 1 के कान्हा और 5th क्लास की मीना की इस हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। दोनों छोटूलाल रैदास के इकलौते बेटे-बेटी थे। हादसे के बाद छोटूलाल के परिवार की खुशियां पूरी तरह छिन गईं। एक ही दिन में दोनों बच्चों को खो देने का ग़म परिवार सहन नहीं कर पा रहा है। पूरे गांव में मातम का माहौल है।
मृतक बच्चों के ताऊ बद्रीलाल रैदास ने बताया कि शुक्रवार सुबह कान्हा और मीना स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहे थे। किसी को क्या पता था कि वे दोनों कभी लौटकर नहीं आएंगे। कुछ ही देर बाद हादसे की खबर आई कि स्कूल की छत गिर गई है। परिजन भागते हुए पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बद्रीलाल ने बताया कि खुद छोटूलाल भी बीमार चल रहा है, ऊपर से यह दोहरा आघात पूरे परिवार को तोड़ कर रख गया है। अब उस घर में बच्चों की हंसी की जगह मातम पसरा हुआ है।
इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। हादसे में 7 बच्चों की जान गई, परंतु दो सगे भाई-बहन की एक साथ मौत सबसे अधिक मार्मिक रही। गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला।
Updated on:
26 Jul 2025 10:34 am
Published on:
26 Jul 2025 10:34 am
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