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द्वितीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा: – पांच मिनट देरी पर भी नहीं दिया प्रवेश, शिक्षक बनने के अरमान रहे अधूरे

- 52 फीसदी ही पहुंचे परीक्षा देने

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Recruitment Exam: - Admission was not given even after five minutes delay, the desire to become a teacher remained incomplete

द्वितीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा: - पांच मिनट देरी पर भी नहीं दिया प्रवेश, शिक्षक बनने के अरमान रहे अधूरे

झालावाड़.राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा 2022 के ग्रुप ए एवं ग्रुप बी की सामान्य ज्ञान परीक्षा रविवार को संपन्न हुई। जिले में परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे एवं ग्रुप बी की परीक्षा दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक हुई। गौरतलब है कि बीते दिसंबर में पेपर लीक घटना और एसओजी की रिपोर्ट के बाद आयोग ने दोनों विषयों के पेपर निरस्त किए थे।रविवारको जिले में 39 परीक्षा केन्द्रों पर 6055 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंंचे।

60 मिनट पूर्व ही दिया प्रवेश, कई अभ्यर्थी रहे परीक्षा से वंचित-

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को मूल आधार कार्ड, फोटो युक्त पहचान-पत्र आदि से ही प्रवेश दिया गया।जिलेभर में 39 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे।

इतने पहुंचे परीक्षा देने-

जिले में प्रथम पारी में 16 व दूसरी पारी में 23 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। जिसमें से प्रथम पारी में 4910 में से 2404 तथा दूसरी पारी में6663 में से 3651 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे।जिले में कुल 11573 में से 6053 उपस्थिति रहे तथा 5518 परीक्षार्थी परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। दोनों पारियों में कुल 52.32 फीसदी अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे।

5 मिनट लेट होने पर परीक्षा दिए बिना बैरंग लौटना पड़ा परीक्षार्थियों को

झालरापाटन-राजकीय आवासीय विद्यालय स्थित रीट परीक्षा केंद्र पर प्रवेश को लेकर परीक्षार्थियों और विद्यालय प्रबंधन के बीच विवाद हो गया। नगरपालिका के सहवरित पार्षद शैलेंद्र जैन ने बताया कि रविवार को रीट की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होनी थी। जिसके लिए आयोजकों ने परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र में 1 घंटे पूर्व प्रवेश लेने का प्रावधान तय कर रखा था। लेकिन स्थानीय के साथ ही कोटा और जयपुर तथा अन्य जगह से आए करीब एक दर्जन परीक्षार्थी 9 बजकर 5 मिनट पर परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंचे। तब गेट पर अंदर से ताला लग चुका था। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश करने से इंकार कर दिया जिस पर परीक्षार्थियों ने उन्हें बताया कि आवासीय विद्यालय बस स्टैंड से करीब 3 किलोमीटर दूर होने के साथ ही ऑटो रिक्शा वालों को इसकी लोकेशन का पता नहीं होने से वह यहां पहुंचने में 5 मिनट लेट हो गए हैं। वह काफी दूर से चल कर आए हैं और उनके भविष्य का सवाल है इसलिए उन्हें अंदर प्रवेश दिया जाए। पुलिसकर्मियों ने विद्यालय प्रबंधन को जाकर इसकी जानकारी दी लेकिन प्रबंधन ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार समय हो चुका है इसलिए अब यह संभव नहीं है। जिससे परीक्षा देने आए परीक्षार्थी मायूस हो गए और उनकी आंखों से आंसू बह निकले तथा उन्हें परीक्षा दिए बगैर निराश लौटना पड़ा। कुछ परीक्षार्थी निर्धारित समय से विलंब से यहां पर आए थे लेकिन गाइडलाइन के अनुसार उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया जा सका। परीक्षा को लेकर उच्चाधिकारियों के सख्त निर्देश थे जिनकी नियमानुसार पालना की गई है। प्रबंधन का मकसद किसी को परेशान करना नहीं था। देवीलाल मीणा प्रधानाचार्य राजकीय आवासीय विद्यालय झालरापाटन।

60 मिनट पूर्व पहुंचना था-

परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर स्पष्ट लिखा हुआ था 60 मिनट पूर्व उन्हें परीक्षा केन्द्र पर पहुंचना था।जो समय तय किया हुआ है, उस पर परीक्षार्थियों को पहुंचना था, अब कोई पांच या दस मिनट देरी से भी पहुंच रहा है तो ये उनकी गलती है। बाकी सभी केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक पारदर्शिता से संपन्न हुई है। राधेश्याम डेलू, एडीएम व संयोजक द्वितीय श्रेणी परीक्षा।