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परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच निकले चालिसवें के ताजिए

-युवकों ने दिखाए अखाड़े के करतब
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झालावाड़

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Jitendra Jaikey

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Updated: 20 Oct 2019, 3:53 PM IST

The chalice of the chalice came out in the traditional melody

परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच निकले चालिसवें के ताजिए,परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच निकले चालिसवें के ताजिए,परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच निकले चालिसवें के ताजिए

परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच निकले चालिसवें के ताजिए
-युवकों ने दिखाए अखाड़े के करतब
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़.चालिसवें के मोहर्रम पर रविवार को परम्परागत तरीके से मातमी धुन के बीच ताजिए निकाले गए। इस दौरान शहर में करीब तीन दर्जन ताजिए निकाले गए। दोपहर में शहर के सभी ताजिए सीमेंट रोड़ पर एकत्र हुए। यहां हुसैनी हैदरी अखाड़े के उस्ताद मेहमूद पहलवान की अगुवाई में अखाड़े के कलाकारों ने कई हेरतअंग्रेज करतब दिखाए, पट्टा बाजी व तलवाजी बाजी का प्रदर्शन किया। कई ताजियों के आगे युवकों की टोली ने ताशे व ढोल पर मातमी धुन बजाई। डीजे पर भी इस्लामी कलाम पेश किए किए। इस दौरान बड़ा बाजार सीमेंट रोड़ पर मेले जैसा महौल बना रहा। दोपहर बाद करीब तीन बजे सभी ताजिए कर्बला के लिए रवाना हुए। बड़ा बाजार से, चौथमाता मंदिर, धोकड़े के बालाजी, मल्ल मोहल्ला व गागरोन रोड़ होकर रात तक कालीसिंध नदी के काला कांकरा दह स्थित कर्बला तक पहुंचे। यहांं ताजियों को ठंड़ा किया गया।