20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये है हमारी मलाला : बाल-विवाह के खिलाफ आवाज की बुलंद

डग (झालावाड़). क्षेत्र के छोटे से गांव पतलाई निवासी कांग्रेस कंवर 10 साल पहले पढ़ाई की खातिर बाल-विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद कर चर्चा में आई।

2 min read
Google source verification

image

Shailendra Tiwari

Jul 11, 2016

डग (झालावाड़). क्षेत्र के छोटे से गांव पतलाई निवासी कांग्रेस कंवर 10 साल पहले पढ़ाई की खातिर बाल-विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद कर चर्चा में आई।

फिर वह निकल पड़ी अलख जगाने के मिशन पर। तत्समय किशोरवय कंवर को गांव में चलने वाली स्वयंसेवी संस्था की 'प्रभात शाला' ने संबल दिया। उसके मिशन में सहयोग दिया।

असर अब ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई देने लगा। ग्रामीण बाल-विवाह से परहेज कर बालिका की कम से कम सैकण्ड्री की पढ़ाई पूरी करने जोर देने लगे हैं।

क्षेत्र के गांवों में बालिका को शिक्षित नहीं कर कम उम्र में विवाह तब आम बात थी। साल 2006 में डग पंचायत समिति क्षेत्र की मन्दिरपुर ग्राम पंचायत के गांव पतलाई निवासी ग्रामीण किसान नाथूसिंह की पुत्री कांग्रेस कंवर के सज्ञथ भी ऐसा ही होने जा रहा था।

लेकिन...सगाई के लिए घर आए मेहमानों को उसने दृढ़ता से 'बाल-विवाह नहीं करने' की कह कर लौटा दिया था। गांव में चल रही 'प्रयत्न संस्था' की 'प्रभात शाला' के शिक्षकों सहयोग से विवाह भी रुकवा दिया।

बालिका ने प्रभातशाला से जुड़ कर कक्षा 6 तक शिक्षा पाई। बाल-विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर चर्चा में आने पर वह स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से दिसम्बर 2006 में जर्मनी गई।

राजधानी बर्लिन की संसद में 22 देशों के प्रतिनिधि जुटे थे। उसने भारत का प्रतिनिधित्व किया। महिलाओं के अधिकार के प्रति सजग रहने विषय पर वहां संसद में सम्बोधन दिया।

जर्मनी के राजदूत, वहां के चीफ मिनस्टर एवं तत्कालीन राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पवन सुराणा के साथ कांग्रेस कंवर ने 'मजबूत महिला, मजबूत बालिका' नारे लिखे पोस्टर का विमोचन भी किया।

26 जनवरी 2007 में भारत के राष्टï्रपति ने उसे बहादुरी पुरस्कार से नवाजा। कांग्रेस कंवर इस समय डग के सेठ श्रीरतनलाल अग्रवाल महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दी है। वैधानिक उम्र होने पर 2012 में उसका विवाह हुआ।

फिलहाल वह मध्य प्रदेश शामगढ़ के समीप गांव डूंगरखेड़ा में रह कर पढ़ाई कर रही है। सौंधिया समाज के होने वाले सामाजिक सम्मलनों व अधिवेशन में भाग लेकर समाज में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दे रही है।