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झालावाड़

100 बीघा भूमि का नामांतरण खुला, करावन में बनेगा एग्रो फूड पार्क

- युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर  

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झालावाड़.जिले के पहले एग्रो फूड पार्क के लिए 100 बीघा जमीन का नामांतर खुल गया है। अब एग्रो फूड पार्क के लिए जल्द ही डीपीआर बनाए जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने ग्लोबल एग्री सिस्टम गुडगांव को डीपीआर बनाने के लिए कहा है। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही जिले में डग पंचायत के किसानों को अपने उत्पाद के अच्छे दाम मिल सकेंगे। आने वाले समय में डग क्षेत्र की अलग ही पहचान होगी। जिले के करावन में कोटा संभाग का पहला एग्रो फूड पार्क बनेगा। ये पार्क 100 बीघा भूमि में बनेगा। इससे किसानों को अपनी फसलों की प्रोसेसिंग होने के बाद अच्छी कीमतें मिलेगी। इस क्षेत्र में संतरे, अमरूद, लहसुन, टमाटर, धनिया, सोयाबीन की अच्छी पैदावार होती है। जिले के हजारों किसानों में खुशी की लहर है। देश के 22 मेगा फूड पार्कों की सूची में अभी राजस्थान से केवल अजमेर का ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क है।

चार जिलों के किसानों को होगा लाभ-
एग्रो फूड पार्क बनने के बाद झालावाड़ एवं मध्यप्रदेश के आगर, मंदसौर व राजगढ जिले के हजारों किसानों को लाभ होगा। क्लस्टर एप्रोच से बनने वाले एग्रो फूड पार्क में संग्रहण केंद्र, प्रोसेसिंग सेंटर, कोल्ड चेन आदि के निर्माण होंगे। जिससे सप्लाई चेन के तहत किसान, प्रोसेसर एवं रिटेलरों द्वारा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति की जाएगी,फूड पार्क से अच्छे फल एवं फसलों को एक्सपोर्ट भी किया जा सकेगा। यहां देश के निर्यातक भी अपनी प्रोसेसिंग यूनिटें लगा सकते हैं।

5 करोड़ तक की मिलेगी सब्सिड़ी-
एग्रो फूड पार्क में एग्रो बेस औद्योगिक इकाईयां लगाने पर करीब 5 करोड़ रुपए तक की सब्सिड़ी दी जाएगी। वहीं इसमें ब्याज, एक्सपोर्ट करने, लाइट व सौंलर प्लांट आदि पर भी 10 लाख रुपए तक की सब्सिड़ी दी जाएगी।

धनिया व संतरा हब बनेगा-
एग्रो फूड पार्क की प्रोसेसिंग यूनिटों में आसपास के जिलों से संतर, नींबू, टमाटर, अश्वगंधा, अमरूद, धनिया, मटर, सोयाबीन आदि की आवक होगी। निकट भविष्य में यह प्रदेश में संतरा की सबसे बडी मंडी बन सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में झालावाड़ जिले में 25 हेक्टेयर भूमि में संतरा के बगीचे हैं। 20-20 हजार हैक्टेयर में धनिया एवं लहसुन की पैदावार, 2.25 लाख हैक्टेयर में सोयाबीन फसल होती है। इनकी अत्याधुनिक तकनीक से प्रोसेसिंग हो जाने से किसानों को दो गुणा दाम मिल सकते हैं।

प्रोसेसिंग यूनिटें खुलेंगी-
सूत्रों ने बताया कि करावन में एग्रो फूड पार्क खुलने से यहां 100 बीघा भूमि के क्लस्टर में कई कम्पनियां निजी फूड प्रोसेसिंग यूनिटें खोलेंगी, जिससे जिले में रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सब्सिडी मिलने से इसमें बडी संख्या में एग्रो प्रोसेसिंग यूनिटों में निवेश किया जाएगा। जिले में कालीसिंध सुपर थर्मल की क्षमता निकट भविष्य में 2000 मेगावाट हो जाने से बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी।

100 बीघ में बनेगा-
जिले के करावन में एग्रो फूड पार्क के लिए जमीन का नामांतरण खुल चुका है। ये पार्क 100 बीघा में जमीन में बनेगा। हमारा प्रयास है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में घोषणा की थी। इसका शिलान्यास भी वही करें।
राजेश गुप्ता, करावन, सदस्य जनअभाव अभियोग निराकरण समिति,राजस्थान।

35 करोड़ से अधिक खर्च होंगे
एग्रो फूड पार्क को विकसित करने में करीब 35-40 करोड़ से अधिक का बजट लगेगा। इसकी डीपीआर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक एजेंसी को काम दिया है। इसमें अधिकतम 5 करोड़ या प्रोजेक्ट का 35 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा।
डॉ.आरपी कुमावत, सचिव, कृषि उपजमंडी समिति, भवानीमंडी।

रिपोर्ट- हरिसिंह गुर्जर