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Child marriage video viral: मंडप की जगह दूल्हे के पिता सलाखों में

बिना परमिशन सम्मेलन के आयोजक सहित अन्य पर कार्रवाई शुरू, नाबालिक का पिता गिरफ्तार

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Child marriage video viral: मंडप की जगह दूल्हे  के पिता सलाखों में

Child marriage video viral: मंडप की जगह दूल्हे के पिता सलाखों में

झालावाड़ मनोहरथाना. मनोहरथाना क्षेत्र के थाना क्षेत्र के साल्याखेड़ा गांव में 28 अप्रैल को हुए गुर्जर समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर नाबालिक के विवाह का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने देव नारायण सेवा समिति के आयोजकों के खिलाफ बिना परमिशन व बाल विवाह को लेकर मामला दर्ज किया व नाबालिक दूल्हा दुल्हन के पिता को गिरफ्तार किया।
थाना अधिकारी नंदकिशोर वर्मा ने बताया कि 28 अप्रैल को साल्याखेड़ा गांव में 115 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित हुआ था । 29 अप्रैल को बारां क्षेत्र के छीपाबड़ौद से सोशल मीडिया पर साल्या खेड़ा का बताते हुए एक नाबालिग जोड़े का विवाह का वीडियो वायरल हुआ था। इस पर पूर्व प्रारंभिक शिक्षक महिला बाल विकास विभाग रामू नागर की ओर से मामला दर्ज कराया। जिसमें घोड़ाखेड़ा निवासी शोराम पुत्र जगन्नाथ गुर्जर, साल्याखेड़ा निवासी शोराम पुत्र गंगाराम गुर्जर, रंवास्या निवासी रतन ङ्क्षसह पुत्र जय गुर्जर जिसने सम्मेलन में टेंट व लाइट डेकोरेशन किया था व रिछडी निवासी आचार्य राजू के खिलाफ नाम दर्ज व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं देव नारायण सेवा समिति व इस सम्मेलन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग करने वालों के खिलाफ जानकारी करके मामला दर्ज किया जाएगा। प्रारंभिक जांच के दौरान नाबालिक लड़का लड़की की शादी का मामला सामने आया। इसमें नाबालिक लड़का और लड़की के पिता भूरा उर्फ लंगड़ा पुत्र धन गुर्जर निवासी रतनपुरा को गिरफ्तार किया। इससे इसके सबंधी की जानकारी ली जा रही। वहीं नामजद आरोपियों व आयोजकों की तलाश की जा रही है। अभी गांव से सभी आयोजक भूमिगत हैं।

शादी के निमंत्रण पत्रों पर वर-वधू की नहीं छप रही जन्मतिथि

झालावाड़. सुनेल. इन दिनों सावों पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए शादी के निमंत्रण पत्रों पर वर-वधू की जन्मतिथि छापने की सीख देने वाला प्रशासन ही इसे भूल गया है राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के लिए नियंत्रण पत्रों पर वर वधु की जन्म तिथि प्रकाशित नहीं करवाई जा रही है। इससे बाल विवाह को प्रोत्साहन मिलने का एक रास्ता खुला हुआ है। इस बार आखातीज का अबूझ सावा मंगलवार को तो पीपल पूर्णिमा 16 मई को है। दोनों ही तिथियों पर बाल विवाह होते हैं। हालांकि जिला कलक्टर डॉ.भारती दीक्षित ने इसकी रोकथाम का आग्रह किया है, लेकिन निमंत्रण पत्रिकाओं पर देश देते स्लोगन नहीं लिखे जा रहे हैं, जो बाल विवाह रोक के लिए जागरूक बनाते हैं और न ही वर-वधू की जन्मतिथि इस तरह प्रिङ्क्षटग प्रेस स्तर पर कायदे कानूनों की अवहेलना हो रही है। वर्ष 2012 में राज्य सरकार ने शादी कार्डों पर वर-वधू की जन्मतिथि छपवाना अनिवार्य किया था, ताकि उनकी उम्र छिपाई नहीं जा सके। कार्ड पर बाल- विवाह अपराध है व विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष और लडक़े की उम्र 21 वर्ष अनिवार्य है भी छपवाना जरूरी किया था, लेकिन यह हवा हवाई हो गए।
उल्लंघन पर सजा भी
कार्ड छपवाने वाले परिवार से वर वधु की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र लेना जरूरी किया था। आदेश की अवहेलना पर भादस की तहत दण्डनीय अपराध मानते हुए गिरफ्तारी, छह माह की सजा, एक हजार रुपए जुर्माना लगाने का प्रावधान किया।