फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर रईस खान ने एक सवाल पर बताया कि उनका जुड़ाव यूपी के फतेहपुर क्षेत्र से रहा है। इसलिए उन्हें ददुआ के बारे में तमाम जानकारियां पहले से रही हैं। अनपढ़ होते हुए भी ददुआ ने एक से एक पढ़े-लिखों को अपनी मुट्ठी में रखा। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि 35 साल तक पुलिस उसकी फोटो तक नहीं जुटा सकी। इसी तरह की बातों ने प्रभावित किया, तो उन्होंने ददुआ की जिंदगी पर फिल्म बनाने की सोची। करीब ढाई साल तक ददुआ के जीवन से जुड़ी घटनाओं और उसकी राजनीतिक समझ व पकड़ के बारे में एक तरह से रिसर्च की। परिजनों से मिला, पुलिस अफसरों से मिला। क्षेत्र के लोगों से मिला। तब कहीं जाकर 'ददुआ- द गॉ़ड आफ गन' को फाइनल किया। इस फिल्म के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह फिल्म राजनेताओं के अपराधियों से संबंधों की पृष्ठभूमि पर बन रही है।