
जानिए...यहां क्यों दिया गया ये नारा- कचरा कचरादानी में, सोएं मच्छरदानी में
झांसी। संचारी रोग नियंत्रण अभियान तृतीय चरण के अन्तर्गत प्रारम्भ हो रहे अभियान के उद्घाटन में स्वास्थ्य विभाग झांसी द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन सदर विधायक पं रवि शर्मा, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मण्डल झांसी डा सुमन बाबू मिश्रा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डा सुशील प्रकाश द्वारा हरी झण्डी दिखाकर किया गया। यह रैली मुक्ताकाशी मंच से प्रारम्भ होकर मुख्य मार्गाें से होते हुये सीएमओ कार्यालय पर समाप्त हुई। इस रैली में ‘दूर होगी संक्रामक बीमारी-जब होगी हम सबकी भागीदारी, कचरा कचरादानी में-सोयें मच्छरदानी में, दूर रहे संक्रामक रोग-यदि मिले आपका सहयोग’ जैसे नारे दिए गए।
ये लोग हुए शामिल
इस रैली में संयुक्त निदेशक झांसी डा रेखा रानी, डीपीआरओ अष्टप्रकाश त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजकिशोर, डा आरएस वर्मा, डा एनके जैन, नगर निगम से डा विनीत कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता, रविन्द्र कुमार, विजय बहादुर, जीडी अग्रवाल, अरविन्द कुमार, लाखन सिंह तथा कृषि, शिक्षा, पशुपालन विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे। रैली में विद्यावती कालेज, राघवेन्द्र नर्सिंग काॅलेज, हाफिज सिद्दीकी, बिपिन बिहारी, महर्षि पुरूषोत्तम, लक्ष्मी व्यायाम इण्टर कालेज झांसी के छात्र-छात्रायें, ‘‘दूर होगी संक्रामक बीमारी-जब होगी हम सबकी भागीदारी, कचरा कचरादानी में-सोयें मच्छरदानी में, दूर रहे संक्रामक रोग-यदि मिले आपका सहयोग’’ आदि नारों की तख्तियां लेकर चल रहे थे। साथ ही रैली में स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार-प्रसार वाहन, नगर निगम की फाॅगिंग मशीन, पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का प्रचार-प्रसार वाहन, मलेरिया नियंत्रण इकाई से छिड़काव कर्मचारी उपकरणों सहित शामिल हुये।
तीस सितंबर तक चलेगा अभियान
इस अभियान के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा सुशील प्रकाश ने बताया कि जनपद में संचारी रोग अभियान का तृतीय चरण 2 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2019 तक चलाया जा रहा है। इसका उद्घाटन सभी विकास खण्ड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जनपद मुख्यालय पर रैली निकाल कर किया जा रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग है एवं नगर निगम, शिक्षा, आई0सी0डी0एस0, पशुपालन, सूचना, पंचायतीराज, कृषि एवं सिचाई सहित कुल 11 विभाग सम्मिलित होकर कार्य कर रहे हैं। इस अभियान में मच्छर-मक्खी आदि वेक्टर नियंत्रण, कचरा निस्तारण, जल भराव रोकने, शुद्ध पेयजल का महत्व, विद्यालयों में संवेदीकरण तथा व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय स्वच्छता पर जल संवाद द्वारा जागरूकता पैदा करने और व्यवहार परिर्वतन तथा प्रचार-प्रसार की व्यापक योजना बनाकर गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं।
Updated on:
3 Sep 2019, 12:08 AM IST
Published on:
3 Sep 2019, 12:08 AM IST
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