
इस तस्वीर को सोशल मीडिया से लिया गया है।
नवरात्र शुरू होते ही शराबियों में भी आस्था जाग गई है। दो दिन से उन्होंने शराब की दुकान का रुख नहीं किया और आबकारी विभाग को लगभग 78 लाख रुपए से अधिक के राजस्व की चपत लगा दी है। जिला आबकारी विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली देशी, अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकानों पर प्रतिमाह लगभग 38 से 40 करोड़ रुपए की शराब बेची जाती है। विभागीय आंकडों की मानें तो जनपद में हर रोज लगभग 1.35 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री होती है। रविवार से शुरू हुए नवरात्र में धार्मिक अनुष्ठान व कार्यक्रम हो रहे हैं। जगह-जगह दुर्गा पण्डाल लगाए गए हैं। लोग उपवास पर हैं। ऐसे में कई शराब के शौकीनों ने भी 9 दिनों के लिए शराब को त्याग दिया है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आबकारी विभाग और ठेकेदारों को हुआ है।
30 फीसदी आ गई कमी
प्रतिदिन होने वाली शराब की बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आई है। इस प्रकार प्रतिदिन विभाग को लगभग 39 लाख रुपए का घाटा सहना पड़ रहा है। अभी दो दिन ही हुए हैं और विभाग को लगभग 78 लाख रुपए के राजस्व की हानि हुई है। यदि यही हाल रहा तो 9 दिनों में लगभग 3.50 करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
नवरात्रि में कम बिकती है शराब
जानकारी देते हुए जिला आबकारी अधिकारी प्रमोद कुमार गोयल बताते हैं कि नवरात्रि में शराब की बिक्री में परम्परागत रूप से कमी आती है। एक अनुमान के अनुसार बिक्री में प्रतिदिन लगभग 30 प्रतिशत की कमी आई है।
Published on:
17 Oct 2023 06:59 am

बड़ी खबरें
View Allझांसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
