झांसी में एक युवक पर नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप लगे हैं। साथ ही दुष्कर्म के आरोप में उसकी जमानत खारिज हो गई है। युवक ने किराए के मकान में रहते हुए उसके साथ पत्नी की तरह रिश्ते बनाए थे।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अंजना ने बहला-फुसलाकर भगा ले जाने तथा दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र कुमार खरे ने बताया कि वादी ने शाहजहांपुर थाने में तहरीर देते हुए बताया कि 7 अगस्त 2023 को सुबह 5.45 बजे उसकी 17 वर्षीय पुत्री को घर के बाहर से दो लड़के बहला-फुसलाकर ले गए। काफी तलाश के बाद भी जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया। विवेचना में आरोपी परमानन्द को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
पति-पत्नी की तरह रहे
विवेचना में नाबालिग लड़की को भगा ले जाने, शादी करने तथा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया। पीड़िता ने अपने बयान में स्वेच्छा से शादी करने, कमरा लेकर पति-पत्नी की तरह रहने की बात कही। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अगर अभियुक्त के साथ पीड़िता अपनी मर्जी से गयी थी, तो भी उसके अपनी मर्जी से जाने या न जाने से अपराध की गम्भीरता कम नहीं होती है। घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, इसीलिए उसकी स्वीकृति महत्वहीन है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
फोन करके बुलाया था
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म के आरोपी श्याम प्रजापति निवासी नन्दनपुरा थाना प्रेमनगर की जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री को 11 मई 2023 को अपराह्न 3 बजे मोबाइल फोन से श्याम ने घर के बाहर बुलाया, तो उसकी पुत्री श्याम व एक अन्य युवक के साथ चली गयी।
दुष्कर्म करने के लगे आरोप
उसकी पुत्री 10 हज़ार रुपए, जंजीर व अंगूठी, मोबाइल साथ ले गयी। उसके पहले भी आरोपी पीड़िता को भगा ले गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता ने शादी करने तथा पति-पत्नी की तरह कमरा लेकर रहने की बात कही। न्यायालय ने सुनवाई के बाद नाबालिग पीड़िता को बहलाकर दुष्कर्म करने के आरोप को गंभीरता से लेते हुए जमानत याचिका खारिज कर दिया।