
भागे बदमाशों की छानबीन करती पुलिस।
Jhansi News: रेलवे स्टेशन स्थित रेलवे कोर्ट के बाहर खड़ी वैन से दिनदहाड़े फरार हुए 3 बन्दी पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गए। इनमें एक बदमाश ठीक तरीके से चल भी नहीं पाता था, लेकिन वह इतनी तेजी से गायब हुआ कि न सीसीटीवी कैमरे में नजर आया और न ही पुलिस उसकी तलाश कर पाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो बदमाश रेलवे स्टेशन के अन्दर गए थे, जबकि एक सीपरी बाजार की ओर चला गया था। वक्त अपराह्न लगभग 1.45 बजे का होगा। रेलवे स्टेशन व परिसर में हमेशा की तरह यात्रियों का आना-जाना लगा था। यहीं परिसर में रेलवे कोर्ट के बाहर भी वादकारी खड़े थे, जबकि कोर्ट में जिला कारागार से लाए 7 बंदियों की पेशी हो रही थी। पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा में बन्दियों को बाहर लाया गया और वैन में बिठा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वैन में बन्दियों को बिठाने के बाद पुलिसकर्मी सामने एक कैंटीन में चाय-नाश्ता करने चले गए, और वैन का दरवाजा खुला ही छोड़ गए।
4 बदमाश वैन का गेट खोलकर बाहर निकले थे
इसी बीच 4 बदमाश वैन का गेट खोलकर बाहर निकले, जिसमें से 3 बंदी तेजी से रेलवे स्टेशन की ओर भागने लगे, जबकि चौथा बदमाश भागने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। और इसके बाद देखते ही देखते 3 बदमाश गायब हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक बदमाश सीपरी बाजार की ओर चला गया, जबकि दो बदमाश रेलवे स्टेशन के अन्दर चले गए। पर, रेलवे स्टेशन के अन्दर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह बदमाश नजर नहीं आए। पुलिस ने तत्काल दौड़-भाग शुरू की। सीपरी बाजार व पुलिया नम्बर 9 की ओर भी पुलिस टीम भागी, लेकिन बदमाश पकड़ में नहीं आ सके।
ट्रेन के डिब्बों में खंगालती रही आरपीएफ व जीआरपी, हिमसागर एक्सप्रेस को ग्वालियर में जांचा
अपराह्न लगभग 2 बजे फरार बन्दी रेलवे स्टेशन पर आकर गायब हो गए। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई और रेलवे स्टेशन को सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया। आरपीएफ व जीआरपी ने जबलपुर- श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा ( 11449), हीराकुण्ड एक्सप्रेस (20808), पंजाब मेल (12137) के एक-एक कोच को खंगाला। सीट के नीचे भी जांच की गई। जब यह घटना हुई, तब रेलवे स्टेशन से हिमसागर एक्सप्रेस (16317) रवाना हो चुकी थी। यह ट्रेन अपराह्न 1.50 बजे प्लैटफॉर्म पर आई और 1.58 बजे रेलवे स्टेशन से चली गई। ठीक इसी समय बदमाश पुलिस कस्टडी से फरार हुए थे, इसलिए हिमसागर एक्सप्रेस को ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर चेक किया गया।
पुराने व घिसे-पिटे सीसीटीवी कैमरे से रेलवे दे रही सुरक्षा का भरोसा
रेलवे द्वारा यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाता है। इसके लिए आरपीएफ व जीआरपी का बड़ा फोर्स तैनात रहता है, लेकिन सुरक्षा का तन्त्र बार-बार फेल साबित हो रहा है। यहां आरपीएफ के 54 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन आधे काम ही नहीं करते हैं और जो काम करते हैं, वह पुराने व बेहद कम क्षमता वाले हैं, जिसमें तस्वीर साफ नहीं आती है। इससे पहले कई बार घटनाएं होने के बाद उच्चाधिकारी तक हाई रेजुलेशन के कैमरे लगाने को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
Published on:
20 Sept 2023 07:57 am

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