
मुसलमानों की बड़ी पहल, कर दिया ये ऐलान, इस काम में अब नहीं आएगी कोई धार्मिक अड़चन
झांसी . कभी योग को धर्म से जोड़कर इसका विरोध जताने वाले मुस्लिम समाज की सोच अब बदलने लगी है। इसकी पहल झांसी से हो रही है। यहां पर मुसलमानों में 21 जून को होने वाले योग दिवस पर सामूहिक रूप से योग करने पर सहमति बनी है। इसके तहत मदरसा शिक्षक व शिक्षिकाएं योग दिवस पर योग क्रियाएं करेंगे। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मौलाना इदरीश कासमी योग की वकालत करते हुए कहते हैं कि योग क्रियाएं स्वास्थ्य लाभ के लिए की जाती हैं। धर्म से इसका कोई सरोकार नहीं है। मुस्लिम समाज द्वारा पढ़ी जाने वाली नमाज में भी योग है। इसलिए सभी लोग नियमित रूप से योग करें, ताकि स्वस्थ समाज की बुनियाद रखी जा सके।
ये तय हुआ योग दिवस का कार्यक्रम
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास को लेकर मदरसा प्रबंधकों व शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 21 जून को योग दिवस पर योगाभ्यास करने पर सहमति बनी। इसके तहत नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कालेज में सुबह छह से सात बजे तक प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक द्वारा क्रियाएं कराई जाएंगी। 150 से अधिक मदरसा शिक्षक व शिक्षिकाएं योगाभ्यास में शामिल होंगे। इन्हें विभाग की ओर से टी-शर्ट भी प्रदान की जाएगी।
मदरसा शिक्षक योग करेंगे तो समाज में चेतना आएगी
मदरसा अरेबिक एसोसिएशन के जिला महामंत्री असरफुल हसन कहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने भारत के साथ विश्व भर में पहचान बनाई है। सरकार की एक अच्छी पहल है। इसमें कोई धार्मिक अड़चन नहीं है। मदरसा शिक्षक योग क्रियाएं करेंगे, तो समाज में चेतना आएगी। इसलिए सभी लोग मिलकर योग दिवस में सहभागिता करें तथा नियमित योग करें।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग देगा टी-शर्ट
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पहली बार आयोजित होने वाले मदरसा शिक्षकों और शिक्षिकाओं के कार्यक्रम में शामिल होने वालों को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से टी-शर्ट मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, योग को लेकर किसी तरह का ड्रेस कोड तय नहीं किया गया है। टी-शर्ट से तो केवल एकरूपता नजर आएगी।
Published on:
19 Jun 2019 10:53 am

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