झांसी

यूपी समेत आठ राज्यों में एक साथ शुरू हुई अनूठी योजना, ऐसे दंपति होंगे पुरस्कृत

यूपी समेत आठ राज्यों में एक साथ शुरू हुई अनूठी योजना, ऐसे दंपति होंगे पुरस्कृत

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Jul 05, 2018
यूपी समेत आठ राज्यों में एक साथ शुरू हुई अनूठी योजना, ऐसे दंपति होंगे पुरस्कृत

झांसी। परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों में प्रेरणा परियोजना शुरू की गयी है। इसके तहत उन दंपतियों को चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाएगा, जिन्होंने रुढ़िवादी मानसिकता को तोड़ते हुए समाज को बदलने में योगदान दिया है। समाज में आज भी फैली इन रूढ़ियों में प्रमुख हैं, जैसे- कम उम्र में विवाह, विवाह के तुरंत बाद बच्चे का जन्म और बच्चों के जन्म के बीच अंतराल का न होना। इसके लिए राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) को जनसंख्या स्थिरता कोष की परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश में क्रियान्वित करने के लिए राज्य नोडल एजेंसी नामित किया गया है। अधिशासी निदेशक, सिफ्सा/मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंकज कुमार द्वारा इस संबंध में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
इन राज्यों में लागू हुई परियोजना
पत्र के मुताबिक विवाह की आयु बढ़ाने, नव दम्पतियों में दो बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने, शिशुओं और माताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या स्थिरता कोष द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखण्ड और उड़ीसा के सभी जिलों में प्रेरणा परियोजना को शुरू किया गया है। प्रेरणा परियोजना का लाभ पाने वालों के लिए छह अर्हताएं भी निर्धारित की गयी हैं। इसको पूरा करने वाले ही पुरस्कृत किये जायेंगे। यह अर्हताएं हैं- दंपति गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले होने चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के होने चाहिए। महिला का विवाह वर्ष 2011 से पूर्व नहीं होना चाहिए। महिला का विवाह 19 वर्ष या उसके उपरान्त ही होना चाहिए। पहले बच्चे का जन्म विवाह के दो वर्ष बाद हुआ हो। दूसरे बच्चे का जन्म पहले बच्चे के जन्म के तीन साल बाद होना चाहिए और दूसरे बच्चे के जन्म के बाद अथवा एक साल के बीच दंपति द्वारा परिवार नियोजन की स्थायी विधि को अपना लिया गया हो। छह में से चार अर्हता पूरा करने वाले दम्पतियों के पुरस्कार की राशि अलग-अलग निर्धारित की गयी है।
ये तय की गई है पुरस्कार की राशि
इसके तहत पहला बच्चा लड़का होने पर 10 हजार रूपये और पहला बच्चा लड़की होने पर 12 हजार रूपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सभी छह अर्हताओं को पूरा करने वाले दम्पतियों के लिए भी अलग-अलग पुरस्कार राशि तय की गयी है। इसके तहत यदि दोनों बच्चे लड़के हों तो 15 हजार रूपये, यदि एक लड़का और एक लड़की का जन्म हो तो 17 हजार रूपये और यदि दोनों बच्चे लड़की हों तो 19 हजार रूपये पुरस्कार स्वरुप दिए जाएंगे। यदि किसी दंपति द्वारा पहले बच्चे के जन्म के समय प्रेरणा परियोजना का लाभ लिया जा चुका है तो उसके द्वारा दूसरे बच्चे के जन्म पर भी इसका लाभ उठाया जा सकता है। यदि दूसरे बच्चे का जन्म पहले बच्चे के जन्म के तीन वर्ष बाद होता या दंपति द्वारा दूसरे बच्चे के जन्म के एक साल के भीतर परिवार नियोजन की स्थायी विधि अपना ली जाती है तो वह दंपति भी प्रेरणा परियोजना के अंतर्गत लाभान्वित होंगे। प्रेरणा परियोजना के अंतर्गत सभी जरुरी दस्तावेज जमा करने के बाद लाभार्थियों को पुरस्कार की राशि उनके आधार कार्ड से लिंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। सिफ़सा के मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) आनंद चौबे का इस परियोजना के सम्बन्ध में कहना है कि यह योजना जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल हैं।

Published on:
05 Jul 2018 06:49 pm
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