
यूपी के झांसी जनपद के मऊरानीपुर से अंधविश्वास का एक बड़ा मामला सामने आया है। सुबह एक युवक के पेट और सीने में तेज दर्द से अचानक मौत हो जाती है। गांव के बाहर मंदिर में महिला खुद को देवी बताती है और युवक को जिंदा करने का दावा करती है। महिला के बुलावे पर घरवाले युवक का शव लेकर मंदिर पहुंच जाते हैं। महिला के युवक को जिंदा करने की खबर इस कदर फैलती है कि कई गांव के सैकड़ों लोग मंदिर पहुंच जाते हैं। इसके बाद देवी का दरबार लगता है। करीब एक घंटे तक अंधविश्वास का ड्रामा चलता है। लेकिन युवक की सांसें नहीं लौट पाती हैं।
तबीयत बिगड़ने से हुई थी मौत
मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के हीरापुर के रहने वाले महीपत ने बताया उसका भाई पंचम लाल (35) खेती-किसानी का काम करता था। कुछ दिनों से उसके पेट और सीने में दर्द हो रहा था। दर्द बढ़ने पर उसको रविवार को मऊरानीपुर में डॉक्टर को दिखाया। आराम होने पर शाम को घर लौट आए। देर रात पंचम की फिर से तबीयत खराब हो गई। सुबह तड़के करीब 3 बजे उसकी मौत हो गई। उन्होंने अपने रिश्तेदारों को खबर कर दी। सुबह गांव के लोग और रिश्तेदार एकत्र हो गए।
सुबह तीन बजे सजा दरबार
सोमवार सुबह घरवाले अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने शव को गांव के बाहर देवी चबूतरा पर चलने को कहा। उन्होंने बताया कि चबूतरे पर सुबह 3 बजे से एक महिला को देवी की सवारी आई है। देवी ने पंचम लाल को जीवित करने का दावा किया है। गांव वालों के कहने पर मेरा परिवार पंचम के शव को गाड़ी में रखकर चबूतरा पर ले गया। यहां पर महिला को देवी की सवारी आई थी। एक घंटे तक दरबार में शव को रखा गया। फिर कहा कि पंचम की नाड़ी चलने लगी है।
नाड़ी चलने का दावा झूठा निकला
नाड़ी चलने का दावा झूठा निकला, पंचम की नाड़ी चलने की बात सुनते ही जयकारे लगने लगे। पंचम को तुरन्त मऊरानीपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर डॉक्टर राजेन्द्र सोनी ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि पंचम की कई घंटे पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। उन्होंने शव का अन्तिम संस्कार कर दिया।
Published on:
24 Oct 2023 08:38 am

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