Jhansi News : जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (22181) के स्लीपर कोच में दिल्ली के लिए यात्रा कर रही एक महिला बेहोश हो गई। मदद के लिए रेलवे को सूचना दी गई। ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर 3 घंटे देरी से पहुंची। तब कहीं जाकर उसे इलाज मिल सका।
Jhansi News : रेलवे विभाग भले ही लाख दावा करे कि यात्रियों को हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। लेकिन असल में तस्वीर कुछ अलग है। भीषण गर्मी का सीजन चल रहा है। ऐसे में ट्रेन से सफर कर रहे यात्रियों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेल यात्रा के दौरान कोच में भीड़ होने के चलते महिला यात्री की हालत बिगड़ने से वह बेहोश हो गई। साथ में यात्रा कर रहे पति ने रेलवे कंट्रोल रूम से मदद मांगी। महिला के पति ने आरोप लगाया कि डिप्टी एसएस ने समय पर उनकी मदद की, पर एम्बुलेंस समय से काफी देर बाद स्टेशन पहुँची। महिला के पति का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज पहुंच कर भी उसकी समस्या हल नहीं हुई और यहाँ बेड न मिलने के चलते उसे पत्नी को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। सुबह होते ही यात्री भोपाल लौट गए।
ये है पूरा मामला
मामला आधी रात का है। जबलपुर (मध्य प्रदेश) के शिव नगर निवासी अनिल कुमार सोनी अपनी पत्नी आरती सोनी और बेटी के साथ जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (22181) के स्लीपर कोच में दिल्ली के लिए यात्रा कर रहे थे। अनिल कुमार सोनी ने बताया कोच में बेतहाशा भीड़ होने के चलते उनकी पत्नी आरती को घबराहट हुई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उन्होंने आनन-फानन में झांसी कंट्रोल रूम को सूचना देकर मदद मांगी तो ट्रेन के ललितपुर पहुंचने पर आरपीएफ सहित अन्य स्टाफ आ पहुंचा, लेकिन वहां पत्नी की हालत ठीक नहीं हो सकी।
साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची ट्रेन
इसके बाद वहां से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन को सहायता के लिए सूचित किया गया। अपने निर्धारित समय से साढ़े तीन घंटे की देरी से ट्रेन जैसे ही झाँसी पहुँची तो यहाँ डिप्टी एसएस एसके नरवरिया व रेलवे चिकित्सक ने ट्रेन को अटेंड करते हुए मरीज का परीक्षण कर उन्हें झांसी में तुरन्त उपचार की जरूरत बताई। मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए डिप्टी एसएस ने 108 ऐम्बुलेंस सेवा को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने पुलिस सहायता नम्बर 112 डायल कर उनसे ऐम्बुलेंस की माँग की। इसके लगभग 2 घंटे बाद एंबुलेंस स्टेशन पहुंच पाई।
इनहोंने बताया
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉ सचिन माहुर ने जानकारी देते हुए बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। किसी ने शिकायत भी नहीं की है। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में बेड हैं। अगर कोई शिकायत करता है तो जांच कर दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।