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मोदी की योजना खेतड़ी में बढ़ाएगी भूजल का स्तर

योजना से पहले हर ग्राम पंचायत में ऑटोमेटिक पिज्जोमीटर लगाए जाएंगे। यह बताएंगे कि वहां पानी का स्तर कितना है। इन पिज्जोमीटरों को सैटेलाइट से जोड़ा जाएगा। यह मीटर हर दिन उपग्रह के माध्यम से दिल्ली स्थित अटल भूजल योजना के मुख्यालय पर भूजल स्तर की स्थिति बताएंगे।

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मोदी की योजना खेतड़ी में बढ़ाएगी भूजल का स्तर

मोदी की योजना खेतड़ी में बढ़ाएगी भूजल का स्तर

राजेश शर्मा
झुंझुनूं. तांबा उगलने वाली स्वामी विवेकानंद की धरा खेतड़ी में अब जलस्तर बढ़ाया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर ली गई है। देश के सात राज्यों में शुरू हुई अटल भूजल योजना में झुंझुनूं की खेतड़ी पंचायत समिति की 44 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि जो भी ग्राम पंचायत अपने क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाएंगी उस ग्राम पंचायत में करीब एक करोड़ रुपए के कार्य करवाए जाएंगे। अटल भूजल योजना को भारत के 7 राज्यों राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश की 8353 ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की इस योजना में राजस्थान के सत्रह जिलों की 38 पंचायत समितियों की 1144 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। योजना का कार्य इसी माह से शुरू होगा। समापन वर्ष 2024-25 में होगा। यह योजना पी फॉर आर मॉडल (प्रोग्राम फॉर रिजल्ट) पर आधारित है। योजना के अंतर्गत पूरे देश में करीब छह हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से 50 प्रतिशत शेयर विश्व बैंक का है। योजना के अंतर्गत जल स्तर बढऩे तथा उपलब्धियां धरातल पर दिखाने पर ही धनराशि आवंटित की जाएगी। इसके लिए पांच विभाग मिलकर कार्य करेंगे। पांचों विभागों के समन्यक भूजल विभाग के भूजल वैज्ञानिक राजेश पारीक रहेंगे।

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ऐसे मिलेंगे रुपए
योजना से पहले हर ग्राम पंचायत में ऑटोमेटिक पिज्जोमीटर लगाए जाएंगे। यह बताएंगे कि वहां पानी का स्तर कितना है। इन पिज्जोमीटरों को सैटेलाइट से जोड़ा जाएगा। यह मीटर हर दिन उपग्रह के माध्यम से दिल्ली स्थित अटल भूजल योजना के मुख्यालय पर भूजल स्तर की स्थिति बताएंगे।


यह पांच विभाग करवाएंगे कार्य
1जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी
2 पंचायती राज
3 वन विभाग
4 कृषि/उद्यान विभाग
5वाटरशेड

कुम्भाराम योजना से भी मिलेगा फायदा
खेतड़ी उपखंड में अभी कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना के तहत इंदिरा गांधी नहर का पानी आ रहा है। इस पानी के आने के बाद ट्यूबवैल पर निर्भरता पहले के वर्षों की तुलना में कम हुई है। अब पीने के पानी के लिए जमीन से पानी कम निकाला जा रहा है। इस कारण भी पानी का दोहन कम होने लगा है। इससे बरसात का पानी ज्यादा रिचार्ज होगा।

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खेतड़ी में भूजल स्तर
न्यूनतम 15.15 मीटर
अधिकतम 95.90 मीटर

यह कार्य होंगे
-कम सिंचाई वाली फसलें उगाई जाएंगी।
-पानी का दोहन रोका जाएगा।
-पानी को रिचार्ज करने के लिए एनीकट का निर्माण किया जाएगा।
-परम्परागत जलस्रोतों को सही करवाया जाएगा।
-ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण किया जाएगा।
-बाग बगीचों पर अनुदान मिलेगा।
-पुराने तालाब व बांधों के कैचमैंट क्षेत्र को सही करवाया जाएगा।

खेतड़ी: दस वर्ष में बरसात
वर्ष एमएम
2010 944
2011 647
2012 519
2013 640
2014 490
2015 521
2016 697
2017 262
2018 568
2019 633
2020 489


इनका कहना है

खेतड़ी को अटल भूजल योजना में शामिल करवाया गया है। वहां अब पांच विभाग मिलकर कार्य करेंगे। जो ग्राम पंचायत ज्यादा मेहनत करेगी, वहां ज्यादा कार्य होंगे।
-नरेन्द्र कुमार, सांसद झुंझुनूं

खेतड़ी की 44 ग्राम पंचायतों को अटल भूजल योजना में शामिल किया गया है। वहां पानी बचाने पर जोर दिया जाएगा। परिणाम भौतिक रूप से देखे जाएंगे। जहां ज्यादा पानी बचेगा, उसी पंचायत में ज्यादा कार्य होंगे। योजना जल्द ही धरातल पर शुरू होगी। भूजल की मॉनेटरिंग ऑनलाइन होगी।
-राजेश पारीक, भूजल वैज्ञानिक, झुंझुनूं