बेटों व बहुओं ने भले ही अंतिम समय साथ नहीं रहे, लेकिन माता-पिता अपने बच्चों से गहरा लगाव रखते थे। उन्होंने लिखा हमारे बेटों को परेशान मत करना।
राजस्थान में बुजुर्ग पति-पत्नी की आत्महत्या की घटना समाज में कई सवाल खड़े कर रही है। मृतकों के तीन बेटे व बहूएं थी, लेकिन दोनों पति-पत्नी जीवन के अंतिम पड़ाव में अकेले रह रहे थे। झुंंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ में उम्र के अंतिम पड़ाव में बीमारी से तंग आकर एक बुजुर्ग दम्पती ने आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना मुकुंदगढ़ के वार्ड नंबर 16 स्थित नटवर नरेश मंदिर के पास की है। यहां 80 वर्षीय श्याम सुंदर दर्जी और उनकी 75 वर्षीय पत्नी चंद्रकला अपने मकान में मृत पाए गए। दोनों के शव अलग-अलग चारपाई पर संदिग्ध अवस्था में मिले। घटना मंगलवार रात्रि 13 मई 2025 की बताई जा रही है। मृतक दम्पती के दो बेटे जयपुर में और एक बेटा बेंगलूरु में अपने परिवार सहित रहते हैं। दोनों के शव समाज में कई सवाल छोड़ गए, आखिर ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं? इसके लिए जिम्मेदार समाज है, सरकारी सिस्टम है, एकल परिवार है, रोजगार की कमी है या कुछ और... सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कर रही है???
बेटों व बहुओं ने भले ही अंतिम समय साथ नहीं रहे, लेकिन माता-पिता अपने बच्चों से गहरा लगाव रखते थे। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें महिला ने लिखा है कि बीमारी से तंग आकर मैं और मेरे पति अब दुनिया से जा रहे हैं। हमारे बेटों को परेशान मत करना।
पड़ोसी महेंद्र दाधीच को बदबू आई तो उन्होंने छत पर जाकर देखा। मकान में कूलर चल रहा था, लेकिन कोई हलचल नहीं दिखी। सूचना पर मुकुंदगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ कर अंदर दाखिल हुई। वहां दोनों अलग अलग चारपाई पर मृत पाए गए।
मोहल्लेवासी महेश पासोरिया के अनुसार मृतक दम्पती मकान में अकेले ही रहते थे और अक्सर बीमार रहते थे। उन्होंने बताया कि बीमार होने पर पड़ोसी और आसपास के लोग ही अस्पताल ले कर जाते थे और खाने-पीने की व्यवस्था भी करते थे।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और शाम को शव परिजनों को सौंप दिए। दम्पती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
बुजुर्ग दम्पती ने आत्महत्या की है। दम्पती मकान में अकेले रहते थे। इनके 2 बेटे जयपुर और 1 बेटा बेंगलूरु रहता है। घटना मंगलवार की है।
-रतनलाल, एएसआई, पुलिस थाना मुकुंदगढ़