
झुंझुनूं जिला मुख्यालय स्थित राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में पीएमओ का पद संभालने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अस्पताल में दो चिकित्सक पीएमओ के पद की दावेदारी जता रहे हैं। 6 फरवरी 2025 को डॉ. संदीप पचार ने राजस्थान सिविल सेवा अधिकरण जयपुर के स्थगन आदेश मिलने पर बीडीके अस्पताल में पीएमओ का पद संभाला था। उस दिन तत्कालीन पीएमओ डॉ. राजवीर राव ने उन्हें पद का चार्ज सौंपा था। लेकिन अब डॉ. राव ने एक पत्र जारी कर लिखा है कि 6 फरवरी 2025 को चार्ज का आदान-प्रदान निरस्त माना जाए। डॉ. राव ने निदेशक चिकित्सा विभाग जयपुर, जिला कलक्टर, सीएमएचओ व डॉ. पचार को पत्र लिखा है कि राजस्थान सिविल सेवा अधिकरण जयपुर में अपीलार्थी के तीन फरवरी के आदेश बिंदू संख्या पांच में अपील को ग्राहय कर अंतरिम आदेश दिया था कि 22 नवंबर 2024 की क्रियान्वति में अपीलार्थी की सीमा तक अधिकरण के आगामी आदेशों तक स्थगित रखा जाए। प्रत्यर्थी विभाग अपीलार्थी को पुन: उसी कार्यालय में अथवा अन्य कार्यालय में पदस्थापन आदेश के लिए स्वतंत्र रहेगी। डॉ. पचार ने छह फरवरी 2025 को स्थगन आदेश की प्रति पेश कर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी का चार्ज आदान-प्रदान किया। स्थगन आदेश का अध्ययन करने पर पाया गया कि स्थगन आदेश में अपीलार्थी को पुन: उसी कार्यालय में अथवा अन्य कार्यालय में पदस्थापन करने के लिए प्रत्यर्थी विभाग स्वतंत्र है, के आदेश दिए गए थे। डॉ. पचार का निलंबन के पश्चात राजस्थान सिविल सेवा अधिकरण जयपुर की ओर से दिए गए आदेशानुसार पदस्थापन नहीं किया गया। इसलिए छह फरवरी 2025 को चार्ज के आदान-प्रदान को निरस्त माना जाए।
रेट के आदेश यह है कि नियोक्ता ही संबंधित को पोस्टिंग देने के लिए स्वतंत्र है कि कहां पर और कैसे दें। बाबुओं ने आदेश को पढ़कर अर्थ गलत निकाल लिया। अब आदेश को अच्छी तरह पढ़ा तो गलती का पता चला है। पचार को चिकित्सा विभाग जयपुर के निदेशक के यहां से पोस्टिंग आदेश लाने के लिए लिखा गया है।
रेट के स्थगन आदेश पर मैंने पद संभाला है। स्थगन आदेश का मतलब ही यथावत पद पर रहना है। चिकित्सा विभाग से मुझे प्रशासनिक और डीडीओ पावर मिल चुके हैं। पत्र के बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। ऐसे तो अस्पताल का कोई भी कर्मचारी लिख देगा। बुधवार को चिकित्सा विभाग के निदेशक से इस सिलसिले में बात करूंगा।
Published on:
12 Feb 2025 01:01 pm
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