चिड़ावा की वॉलीबाॅल टीम में खेल रहे अरविंद कुमार राव की उम्र 53 वर्ष है। इसी टीम में उनका 21 वर्ष का बेटा रोहित राव भी वॉलीबाॅल खेल रहा है। पिता चिड़ावा में वॉलीबाॅल के नियमित खिलाड़ी हैं, जबकि बेटा वॉलीबाॅल में राज्य स्तर पर खेल चुका। स्कूल खेल में स्टेट लेवल पर अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिला चुका। वह अभी जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बीटेक कर रहा है।
Father And Son Playing Volleyball Togetherझुंझुनूं. राजस्थान में चल रही ग्रामीण व शहरी ओलम्पिक की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पिता-पुत्र की जोडि़यां भी खेल रही है। मैदान में बेटा अंक बटोर रहा है तो पिता उसकी हौसला अफजाई कर रहे हैं। स्वर्ण जयंती स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में भी कुछ ऐसे ही रोचक नजारे देखने को मिल रहे हैं।
रोहित व अरविंद
चिड़ावा की वॉलीबाॅल टीम में खेल रहे अरविंद कुमार राव की उम्र 53 वर्ष है। इसी टीम में उनका 21 वर्ष का बेटा रोहित राव भी वॉलीबाॅल खेल रहा है। पिता चिड़ावा में वॉलीबाॅल के नियमित खिलाड़ी हैं, जबकि बेटा वॉलीबाॅल में राज्य स्तर पर खेल चुका। स्कूल खेल में स्टेट लेवल पर अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिला चुका। वह अभी जयपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बीटेक कर रहा है।
सौरभ व जितेन्द्र
इसी तरह पिलानी की वॉलीबाॅल टीम में भी पिता-पुत्र एक साथ खेल रहे हैं। पिता जितेन्द्र कस्वा की उम्र 45 वर्ष है, वे पहले फुटबाल के खिलाड़ी रहे हैं। अब खुद वॉलीबाॅल खेलते हैं और नए खिलाडि़यों को भी पिलानी में वॉलीबॉल के गुर सिखाते हैं। इसी टीम में उनका चौदह साल का बेटा सौरभ कस्वा भी खेल रहा है। सौरभ लॉंग जम्प का भी खिलाड़ी है। वह अभी ग्यारहीं कक्षा में पढाई कर रहा है। जितेन्द्र ने बताया कि वॉलीबॉल झुंझुनूं का प्रमुख खेल रहा है। खेलने का मकसद केवल पदक जीतना ही नहीं है, बल्कि खेल से व्यक्ति फिट रहता है। उसकी सोच पॉजिटिव रहती है।